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9 माह का बकाया मानदेय दिलाने के लिए डीएम दफ्तर पहुंचे रोजगार सेवक

सीडीओ से 2 घंटे चली वार्ता

अयोध्या। ग्राम रोज़गार सेवकों का सब्र का बांध टूटा तो सैकड़ों की संख्या में एकजुट अपनी पीडा  सुनाने ज़िलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए। डीएम के न मिलने पर ग्राम रोज़गार सेवक संघ उत्तर प्रदेश के ज़िला अध्यक्ष अमरदीप गौड़ की अगुवाई में नगर मजिस्ट्रेट से मिलकर ज्ञापन सौंपा।
बाद में संघ के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में विकासभवन पहुंचे। 9 माह का बकाया मानदेय का भुगतान को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।  सीडीओ कार्यालय पर अपनी मांगों के लिए आवाज़ बुलंद कर रहे सभी रोज़गार सेवक अपनी अपनी पीड़ा रखनी चाही तो संख्या बल अधिक होने के कारण 5 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल से सीडीओ से वार्ता कर बिन्दु बार समस्याओं से अवगत कराया।

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जिस पर सीडीओ ने  डीसी मनरेगा को निर्देशित कर समस्याओं के निस्तारण के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल के साथ सौहार्दपूर्ण वार्ता कर समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए जनपद के सभी खण्ड विकास अधिकारी व एपीओ के साथ समीक्षा की। जिला अध्यक्ष अमरदीप गौड़ ने बताया कि शासन से जारी शासनादेश के अनुसार प्रतिमाह  7788 रुपये मानदेय व 2212 रुपये ईपीएफ जमा होता है। लेकिन शासन में बैठे कुछ अधिकारी 7788 शासनादेश को तोडमरोडकर व्याख्यान कर प्रतिमाह कन्टेजेन्सी की बात कर शोषक का काम करते हैं। अप्रैल में बच्चों के एडमिशन, कापी किताब सहित ग्राहस्थी के लिए गुणागणित लगाने पड़ते हैं।

अल्प मानदेय में परिवार चलाना कठिन काम लगता है। जीवन के 16 साल मनरेगा में लगा दिये लेकिन मानदेय के लिए भी लड़ाई लड़ना पड़े यह दुःखद है। प्रदेश कोषाध्यक्ष रामू निषाद, महामंत्री सोनू आज़ाद, मंत्री अज़हरुद्दीन, मीडिया प्रभारी सुरेश कनौजिया, सोशल मीडिया प्रभारी/ब्लांक अध्यक्ष पूरा अनूप सिंह, अमानीगंज पंकज मिश्रा, मया अध्यक्ष बीरेन्द्र, मसौधा आदित्य पाण्डेय, तारून शैलेंद्र तिवारी, बिपिन पाण्डेय, श्रीमती वर्मा, अंशिका वर्मा,  मिथलेश वर्मा, पन्नालाल, वीरेंद्र सहित सैकड़ों रोज़गार सेवक मौजूद थे ।

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