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अतिक्रमण हटाने के दौरान दो गुटों में भड़का जनाक्रोश

बीकापुर तहसीलदार राजस्व टीम के साथ ग्राम समाज की भूमि का हटाने पहुंचे थे अतिक्रमण

बीकापुर। तहसील क्षेत्र के बछरामपुर गांव के दो गुटो में उस समय जनाक्रोश भडक उठा जब बीकापुर के तहसीलदार राजस्व टीम के साथ ग्राम समाज की भूमि से कथित अतिक्रमण हटाने पहुचे। किन्तु समय रहते एसडीएम लव कुमार सिंह और पुलिस टीम के पहुच जाने से बडी घटना होते होते टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गांव में गया प्रसाद गुप्ता व ग्राम प्रधान के पति रामकरन के बीच रंजिश चली आ रही है। जिसको लेकर दोनो गुटो के समर्थक छोटी मोटी बातो से लेकर बढे से बढे मामले में आमने सामने हो जाते है। प्रधान पति रामकरन को कुछ दबंगो का भी संरक्षण प्राप्त है। अभी कुछ ही महीने पहले गांव के भीतर जबरन रास्ता बन्द कर लेेने से कई महीनो तक गांव में तनाव व्याप्त था और रास्ता खाली कराने के लिये गयाप्रसाद गुप्ता व दूसरे गुट को हाईकोर्ट तक चक्कर लगाना पडा। जिससे खार खाये प्रधान पति व उनके समर्थक दूसरे पक्ष को सबक सिखाने के लिये हमेशा ताडते रहते है। बताया गया कि कोंछा चवरढार पक्की सडक के किनारे ग्राम समाज की गांटा संख्या 196 भूमि स्थित है इसी भूमि में खातेदार और कई पटटेदार है कई लोगो ने दबंगई से जबरन कब्जा भी किया है। ग्रामवासी गया प्रसाद गुप्ता को भी 100 ऐयर भूमि कृषि कार्य व 15 ऐयर भूमि आवास के लिये भी इसी नम्बर में आवन्टित है। दूसरे गुट का आरोप था कि गया प्रसाद गुप्ता ने आवन्टित भूमि से अधिक जमीन पर कब्जा करक निर्माण कार्य करा रहे है और देवास्थान का रास्ता बन्द कर दिये है। जबकि गया प्रसाद गुप्ता आरोपों को सीरे से खारिज करते है। आज दिन में अचानक तहसीदार राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुचे और नाप जोख करानी शुरू कर दी। बताते है कि उस समय मौके पर गया प्रसाद गुप्ता के विरोधी गुट के लोग छीटाकशी करने लगे। गया प्रसाद गुप्ता व उनकी पत्नी को यह न गवार लगा। उसी बीच तहसीलदार ने पुलिसिया रौ में गया प्रसाद गुप्ता को हडकाना शुरू कर दिया जिससे विपक्षी गुट के लोगो का मनोबल बढ गया और दोनो पक्षों के बीच हाथापाई की नौबत आ गयी। भडके जनाक्रोश को देख राजस्व प्रशासन भी सख्ते में आ गया। सूचना पर तुरन्त कोतवाली पुलिस और बीकापुर के एसडीएम लव कुमार सिंह भी पहुच गये। पुलिस ने पहुचकर तमासवीनो को खदेड दिया और एसडीएम ने मौके की हालत देखने के बाद अपनी सूझ बूझ का परिचर देते हुए मामले को सुलटा दिया। तब कहीं जाकर तनावी हालत सामान्य हो सकी।

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