-जिलाधिकारी ने एडीएम प्रशासन को सौंपी जांच
मिल्कीपुर । आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज की करीब 35 हेक्टेयर (लगभग 350 बीघा) भूमि पर अवैध कब्जे के मामले ने तूल पकड़ लिया है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की ओर से जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विश्वविद्यालय से संबंधित ग्राम पंचायत पिठला की गाटा संख्या-6 की भूमि पर अवैध तरीके से कब्जा किया जा रहा है।
इस भूमि की अनुमानित कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार कुलपति की ओर से यह शिकायत बीते 17 जून को जिलाधिकारी को जनता दरबार में सौंपी गई थी। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने पूरे प्रकरण की जांच एडीएम प्रशासन अयोध्या को सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में एडीएम प्रशासन से बात करने पर उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा जांच उनके सुपुर्द की गई है। उन्होंने कहा कि मामला चकबंदी विभाग से जुड़ा हुआ है। चकबंदी विभाग से संबंधित अभिलेख और आवश्यक पत्रावली प्राप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भूमि की वास्तविक स्थिति क्या है और कब्जे के आरोप कितने सही हैं। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, विश्वविद्यालय के प्रभारी संपत्ति अधिकारी डॉ. सीताराम मिश्रा से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना था कि विश्वविद्यालय की भूमि पर कब्जे की स्थिति के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है और उनकी ओर से जिलाधिकारी को किसी प्रकार की शिकायत नहीं भेजी गई है।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। अब सभी की निगाहें एडीएम प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि संबंधित भूमि पर अवैध कब्जा हुआ है या नहीं तथा आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।