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सीएमएस का निर्देश- केवल नगर कोतवाली व कैंट का ही करें परीक्षण

-मेडिकोलीगल के खेल पर लगाम लगाने की कवायद

अयोध्या। जिला अस्पताल में चल रहे मेडिकोलीगल के खेल पर अस्पताल प्रबंधन ने लगाम लगाने की कवायद शुरू की है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने अस्पताल में तैनात सभी चिकित्सकों को निर्देश जारी किया है कि जिला अस्पताल में केवल नगर कोतवाली व थाना कैंट से जुड़े मारपीट के मामलों का ही परीक्षण किया जाए। विषम परिस्थिति होने पर ही अन्य चिकित्सालयों से जुड़े मामलों का परीक्षण हो। साथ ही आकस्मिक दुर्घटना के मामलों में साफ-साफ चोटों का विवरण पंजिका में अंकित किया जाए।

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गौरतलब है कि जिला अस्पताल में मेडिकोलीगल के नाम पर खेल के कई मामले चर्चा में आ चुके हैं। कुछ बार तो वीडियो और आॅडियो भी वायरल हो चुका है तथा कई बार स्टाफ के बीच विवाद का मामला प्रकाश में आया है। भीतरखाने इसको लेकर गोलबंदी भी चलती रही है। जिसके चलते पूर्व में भी अस्पताल प्रबंधन की ओर से तरह-तरह के निर्देश जारी किए गए। कभी कहा गया कि केवल इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात नियमित चिकित्सक ही मेडिकोलीगल करेंगे और कभी ताजा मामलों में ही पारदर्शिता के साथ मेडिकोलीगल की हिदायत दी गई।

बावजूद इसके भीतरखाने मेडिकोलीगल का खेल जारी रहा और मिलीभगत कर स्टाफ व चिकित्सक अपनी जेब भारी करते रहे। अब जिला अस्पताल प्रबंधन ने इस खेल पर लगाम लगाने के लिए सख्ती शुरू की है।    मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सीबीएन त्रिपाठी की ओर से जिला अस्पताल में तैनात समस्त चिकित्सा विशेषज्ञ व आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी को जारी पत्र में कहा गया है कि सभी लोग मूलरूप से थाना कोतवाली नगर एवं कोतवाली कैंट के मेडिकोलीगल केस का मेडिकोलीगल परीक्षण करेंगे। अन्य चिकित्सालयों द्वारा संदर्भिद मेडिकोलीगल केसों का परीक्षण विषम परिस्थितियों में ही किया जाएगा। सीएमएस ने पत्र की प्रति जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी भेजी है।

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