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गज संरक्षण पर कार्य करने के लिए किया आह्वान

– गज प्रबंधन में चुनौतियां व अवसर विषय पर हुई कार्यशाला

अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज के पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय द्वारा बुधवार को गज प्रबंधन में अवसर व चुनौतियां विषय पर नाहेप परियोजना के अंतर्गत बहुराष्ट्रीय कंपनी अलेमबिक फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड के सहयोग से एक दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने भारतीय संस्कृति में हाथियों की महत्ता पर सभी का ध्यान आकर्षित कर हाथियों की कम हो रही जनसंख्या पर चिंता जताई तथा गज संरक्षण पर कार्य करने के लिए आह्वान किया।

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साथ ही विशेषज्ञयों द्वारा दिए जा रहे व्याख्यान को प्रकाशित कर छात्रों में वितरित करने हेतु निर्देशित किया। कार्यशाला में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ आसाम से डॉ भूपेन शर्मा ,भुवनेश्वर, उड़ीसा से डॉ एस के पंडा, उत्तराखंड से डॉ आदिती शर्मा ने अपने विचार साझा किये। डॉ एस के पंडा ने हाथियों में रोग़ निदान में चुनौतीयों एवं अवसर पर अपने विचार रखे तथा पोस्टमार्टम के समय अपने द्वारा खींची तस्वीरों से रोग़ निदान की जानकारी साझा की । गज प्रबंधन विषय पे डॉ अदिति ने हथियों के रखरखाव, खानपान, टीकाकरण, ट्रांसपोर्टेशन आदि विषय पे विस्तृत जानकारी दी । डॉ भूपेन सरमा ने हाथियों की विभिन्न बिमारियों के बारे में बताया तथा मनुष्य वन्य जीव टकराव को कम करने पर बल दिया ।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पशु चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े छात्र, वैज्ञानिक, शिक्षक व अन्य लोगों को हाथियों के रखरखाव , पुनरुत्थान एवं उनके संरक्षण के प्रति जागरूक करना है । इस कार्यशाला के मुख्य आयोजक सचिव देवाशीष नियोगी ने बताया की यह कार्यशाला विश्व गज दिवस के उपलक्ष में आयोजित किया जा रहा है । मीडिया प्रभारी डॉ अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस कार्यशाला को सफल बनाने के लिए महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ आर के जोशी , डॉ नमिता जोशी, डॉ जसवंत सिंह, डॉ जे पी सिंह ,डॉ सत्यव्रत सिंह, डॉ भूपेंद्र सिंह एवं डॉ रमाकांत आदि का विशेष सहयोग रहा।

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