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कलाकृतियां प्रदान करती है आत्मिक सुख : प्रो.आई.सी. अवस्थी

-अवध विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय रंगोली कार्यशाला का शुभारम्भ

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग तथा अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दीक्षान्त पखवारे के तहत पाँच दिवसीय ”कलात्मक अलंकरण” राष्ट्रीय रंगोली कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया। कार्यशाला का शुभारम्भ आई0एस0एल0ई0 नई दिल्ली के महासचिव प्रो.आई.सी. अवस्थी के द्वारा किया गया। इस अवसर उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया कि सृजनात्मक, रमणीक कलाकृतियां आत्मिक सुख प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि तथ्यपरक कलात्मक अलंकरण निश्चित रुप से चित्रण कार्य को बढ़ावा देता है जिससे क्षेत्रीय रोजगार एवं आय के स्तर में वृद्धि होती है।’

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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कला एवं मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो0 आशुतोष सिन्हा ने छात्र-छात्राओं को उत्कृष्ट रंगोली सृजन के लिए उत्प्रेरित किया। रंगोली कार्यशाला की संयोजिका डॉ0 सरिता द्विवेदी ने बताया कि 27वें दीक्षान्त समारोह के दृष्टिगत फाईन आर्ट्स विभाग के 54 छात्र-छात्राओं की टीम पूरी परिसर में अवध लोक संस्कृति आधारित कलात्मक रंगोलियों का सृजन करेगे जोकि निश्चित रुप से परिसर में आने वाले सभी अतिथियों को रोमांचित करेगी। ललित कला के समन्वयक प्रो0 विनोद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि दीक्षान्त समारोह के अन्तर्गत लोककला आधारित सात दिवसीय पेन्टिग कार्यशाला के अन्तर्गत पाँच दिवसीय रंगोली कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है जिसका प्रमुख उद्देश्य रंगो के माध्यम से भारतीय संस्कृति से अवगत कराना है।

उन्होंने बताया कि कुलपति प्रो0 प्रतिभा गोयल के कुशल नेतृत्व में रमणीक कलाकृतियों के माध्यम से विभिन्न प्रकार की रंगोली का निर्माण कर रहे है जिसे कुलाधिपति व राज्यपाल एवं अतिथि को दीक्षान्त समारोह में सप्रेम भेंट किया जाएगा। रंगोली कार्यशाला की आयोजन समिति के सदस्यों में श्रीमती रीमा सिंह, श्रीमती सरिता सिंह, आशीष प्रजापति तथा अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास विभाग प्रो0 मृदुला मिश्रा, डा0 प्रिया कुमारी, डॉ0 अलका श्रीवास्तव, श्रीमती कविता पाठक, आलोक कुमार आदि ने कार्यशाला के सफल आयोजन में अपना सराहनीय योगदान प्रदान किया ।

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