– दर्शन नगर वार्ड में सामने आई जल भराव की समस्या, मेला के मद्देनजर प्रकाश व्यवस्था बेहतर करने का निर्देश
अयोध्या। आगामी रविवार को आयोजित सूर्यकुंड मेला के पहले सफाई, पेयजल एवं प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने दिए। वह नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार एवं नगर निगम की टीम के साथ दर्शननगर वार्ड में ‘नगर की सरकार आपके द्वार’ अभियान के तहत जन समस्याओं का जायजा लेने निकले थे।
सुबह के 7:00 बजे सूर्यकुंड के प्रवेश द्वार पर नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दल अपर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ के नेतृत्व में मौजूद था। इसी बीच महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी एवं नगर आयुक्त श्री जयेंद्र कुमार वहां पहुंचे। यहां पार्षद प्रतिनिधि मनीष चौधरी ने स्थानीय लोगों के साथ अगुवानी की। इसके बाद निरीक्षण का सिलसिला शुरू हुआ।
महापौर ने सूर्यकुंड के परिसर के बाहर चल रही सफाई को देखकर संतोष जताया, साथ ही शनिवार दोपहर तक सफाई व्यवस्था मुकम्मल कर लेने की हिदायत दी। सूर्यकुंड परिसर के अंदर घास उगी देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने अयोध्या विकास प्राधिकरण से इस संबंध में पत्राचार करने का निर्देश दिया।
महापौर ने मेला के मद्देनजर अस्थाई तौर पर लाइट लगवाने, पार्किंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने पांच सीटर शौचालय मेला परिसर में खड़ा करने तथा पेयजल के लिए वॉटर टैंकर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया। भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष अरविंद पांडे ने परिक्रमा मार्ग से उखाड़े गए हैंडपंप को पुनः लगाने की मांग की। इस पर महापौर ने लोक निर्माण विभाग से पत्राचार करने का निर्देश दिया। उन्होंने परिसर में स्थापित नवग्रह तोड़ने की शिकायत भी दर्ज कराई।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार पांडे ने बताया कि सत्यदेव मिश्र ने मेला के दौरान चारों गेट खोलने की मांग की। इस पर नगर आयुक्त ने पत्राचार करने का वादा किया। उन्होंने सफाई को लेकर नामित एजेंसी ‘कवच’ को निर्देश देने को कहा। महापौर ने मेला के पूर्व वाटर गन से परिसर के पेड़ों तथा जरूरी स्थान की धुलाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने लगभग दो घंटे तक सूर्यकुंड परिसर, उसके आसपास तथा वार्ड की गलियों में भ्रमण कर स्थानीय लोगों से बातचीत की।
थोड़ा आगे बढ़ने पर गुड़िया श्रीपाद व अन्य ने नाली बनवाने की मांग की। महापौर ने दर्शन नगर चौराहे के सन्निकट सामुदायिक शौचालय बनवाने तथा नाली निर्माण का वादा किया। उन्होंने जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए नालों को एक दूसरे से जोड़ने तथा कूड़ा दान लगाने का भी निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान रविकांत यादव, राकेश पांडेय, रोहित चौधरी, कैलाश चौधरी, नीरज गुप्त, विनोद मिश्र, चिंटू तिवारी, डॉ. एपी सिंह जी मौजूद रहे।