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निराश्रित गौवंशो की समस्या का होगा स्थायी समाधान

-सभी ग्राम पंचायतों में बनेंगे निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल, -डीएम की पहल ‘‘हमारा गाँव, हमारी जिम्मेदारी‘‘ ‘हर गाँव गौशाला’

अयोध्या। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के स्थायी व अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल की अनुश्रवणार्थ जनपद स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने निराश्रित गौवंशो के संरक्षण एवं निराश्रित गोवंशो से सम्बंधित किसानों एवं जनसामान्य की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में तीव्र गति से कार्य करने की आवश्यकता बतायी। उन्होंने जनपद के प्रत्येक गांव में निराश्रित गौवंशों की समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु एक नई पहल ‘‘हमारा गाँव, हमारी जिम्मेदारी’’ ‘हर गाँव गौशाला’ का शुभारम्भ किया।

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जिलाधिकारी ने बताया कि ग्राम प्रधान अपने-अपने क्षेत्र में स्थित चारागाह/नवीन परती/बंजर भूमि पर नियमानुसार मनरेगा/ग्राम निधि से अस्थायीध्स्थायी निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण करा सकते हैं। इसी क्रम में उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी व जिला विकास अधिकारी को जनपद के समस्त गाँवों में निराश्रित गोवंशों की समस्याओं के स्थायी समाधान सुनिश्चित करने हेतु समस्त ग्राम प्रधानोंध्सचिवों को प्रेरित कर उनके गाँव में स्थित चारागाह/नवीन परती/बंजर भूमि पर अस्थायी/स्थायी निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल बनाने हेतु ग्रामसभा की बैठक में नियमानुसार प्रस्ताव स्वीकृत कराकर यथाशीघ्र अस्थायी/स्थायी निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों का संचालन प्रारम्भ कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इन आश्रय स्थलों के संचालन से सभी ग्राम प्रधान अपने-अपने क्षेत्र के निराश्रित गोवंशों को उसमें संरक्षित कर निराश्रित गोवंशों की समस्या का स्थायी समाधान करा सकते हैं।

उन्होंने इन गौशालाओं के संचालन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी देते हुये कहा कि गौशालाओं में गौवंशो के भरणदृपोषण हेतु 30 रूपये प्रति गौवंश रोजाना की दर से सरकार उपलब्ध कराती है। इसी के साथ ही उन्होंने ग्राम प्रधानों को अपनी पंचायत के अन्तर्गत आने वाले चारागाह की भूमि पर स्वयं हरे चारे की व्यवस्था करने तथा गोबर से भी आय का साधन सृजित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जनपद के सभी ग्राम पंचायतों में अपना-अपना निराश्रित गौ आश्रय स्थल होने व उसका बेहतर ढंग से क्रियान्वयन करने से निराश्रित गौवंशो की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा।

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बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में वर्तमान में निर्माणाधीन समस्त गौ-आश्रय स्थलों को शीघ्र पूर्ण कर उसका संचालन सुनिश्चित करने, जनपद के सभी विकास खण्डों में कैटिल कैचर क्रय कर उसे क्रियाशील करने के निर्देश दिये। उन्होंने शत-प्रतिशत गौवंशों का ईयर टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जनपद में कुल 34 गौ-आश्रय स्थलों में 10010 पशु संरक्षित किये गये है। इसी के साथ ही जनपद के विभिन्न ब्लाकों में वर्तमान में कुल 29 अस्थायी गौवंश आश्रय स्थल निर्माणाधीन है। जिलाधिकारी ने सभी निर्माणाधीन आश्रय स्थलों को शीघ्र पूर्ण एवं क्रियाशील करने के निर्देश दिये। उन्होंने जनपद के समस्त अधिशाषी अधिकारियों एवं अपर नगर आयुक्त नगर निगम को शहरी क्षेत्र में अवशेष निराश्रित गौवंशों को भी आश्रय स्थलों में संरक्षित करने के निर्देश दिये।

बैठक में प्रभारी सी0वी0ओ0 ने बताया कि मुख्यमंत्री सहभागिता योजनान्तर्गत जनपद को आवंटित लक्ष्य 2309 के सापेक्ष माह दिसम्बर 2022 तक 2093 गौवंशो की सुपुर्दगी दी गयी है। जिलाधिकारी ने सुपुर्दगी के लक्ष्य पूर्ति हेतु कुपोषित/अति कुपोषित बच्चों के परिवारों एवं अन्य लाभार्थियों को गोवंशों की सुपुर्दगी करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने पूर्व में मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत सुपुर्द किये गये गौवंशो के लाभार्थियों एवं गौवंशो के भरण पोषण हेतु प्रदान की जा रही धनराशि का शत प्रतिशत सत्यापन कराने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने किसान क्रेडिट कार्ड (पशुपालन घटक) के लक्ष्य के अनुरूप प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिये।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित समस्त निराश्रित गौआश्रय स्थलों पर गोवंशों को ठण्ड से बचाव हेतु आवश्यकतानुसार पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने हेतु पशु चिकित्साधिकारियों/उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने समस्त गौशालाओं में पशुओं को ठंड से बचाव हेतु पर्याप्त सुविधायें सुनिश्चित रखने हेतु समस्त पशु चिकित्साधिकारियों/उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों एवं खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अनिता यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, डीआरडीए, प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित समस्त पशु चिकित्साधिकारी एवं सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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