महिला अधिकारों को लेकर निर्मित परिवेश नारी उत्पीड़न का कारण: निति द्विवेदी

“महिला सशक्तिकरण एवं उनकी सुरक्षा के लिए न्यायिक प्राविधान” विषय पर हुआ व्याख्यान

फैजाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के संत कबीर सभागार में प्रिवेंशन आॅफ सेक्सुअल हरेसमेंट सेल द्वारा ”महिला सशक्तिकरण एवं उनकी सुरक्षा के लिए न्यायिक प्राविधान“ विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ऐडिशनल एस0पी0 निति द्विवेदी रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित की।  कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ऐडिशनल एस0पी0 निति द्विवेदी ने कहा कि सशक्तीकरण वह है जो सुरक्षित महौल दे सके जिससे महिलाओं को सामाजिक भागीदारी करने में सहजता हो। उन्होंने कहा कि कानूनी दायरें में सशक्तीकरण वहीं है जो समान अधिकार वह स्वतन्त्रता प्रदान कर सके। उन्होंने कहा कि सशक्तीकरण के कई मायने है शिक्षा के क्षेत्र में, आर्थिक एवं राजनैतिक भागीदारी भी सशक्तीकरण को मजबूत करती है। आज हमें यह समझना होगा कि सशक्तीकरण की आवश्यकता क्यों पड़ी? महिला अधिकारों को लेकर जो परिवेश निर्मित हुआ उसी की वजह से यह वर्ग उत्पीड़न का शिकार हुआ। ऐसे में महिला सशक्तीकरण आवश्यक हो गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने कहा कि सशक्तीकरण का अर्थ खुद को आगे बढ़ाना सामर्थ्यवान बनाना और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना है।  कहा कि मैं महिला सशक्तीकरण का पूर्णतया समर्थक हूॅ क्योंकि जिस समाज में महिला को सम्मान व अधिकार नहीं प्राप्त होता वह समाज शीघ्र विघटन का शिकार जायेगा। उन्होंने कहा कि नारी सदैव शक्ति का प्रतीक एवं पूज्यनीय रही है। यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक सभ्यता का अहम भागीदार रहीं है। एक माॅ के रूप में नारी सदैव आदर्श स्वरूप में रही। क्योंकि उसी के हाथ में संस्कार, शिक्षा और समाज के लिए आदर्श परिवेश तैयार करने की क्षमता होती है। कुलपति ने कहा कि माॅ संतान की पहली आदर्श पाठशाला होती है उसी के हाथों से राष्ट्र का पोषण होता है। इसलिए उसका सामथ्र्यवान होना आवश्यक है।
अधिष्ठाता छात्र-कल्याण प्रो0 आशुतोष सिन्हा ने कहा कि राष्ट्र की बात हो या विश्व की जबतक आधी आबादी का विकास नही होगा तबतक सम्पूर्ण विश्व की विकास की कल्पना नही कर सकते इसलिए महिला सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समाज की यह जिम्मेदारी है कि महिलाओं को सुरक्षा दे तभी हम विकास की चर्चा कर सकते है। कार्यक्रम का शुभारम्भ माॅ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। प्रिवेंशन आॅफ सेक्सुअल हरेसमेंट सेल की समन्वयक डाॅ0 तुहिना वर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास विभाग की छात्रा श्रेया पाण्डेय द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन एम0एड0 विभाग की शिक्षिका डाॅ0 नीलम सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो0 राम लखन सिंह मुख्य नियंता प्रो0 आर0एन0राय, मीडिया प्रभारी प्रो0 के0के0 वर्मा, प्रो0 एस0के0 रायजादा, डाॅ0 नीलम यादव, डाॅ0 वन्दिता पाण्डेय, डाॅ0 शशि सिंह, कृतिका निषाद सहित शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्राओं की उपस्थिति रही।

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