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सेवक का कर्तव्य सबसे कठिन : विजय पाल सिंह

-अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन

अयोध्या। सेवा धर्म इतना गहन है कि इसका निर्वहन करना सन्यासियों के लिए भी दुष्कर है। सेवक का कर्तव्य अत्यंत कठिन है। सेवा पथ पर चलने वाले व्यक्ति को हर पल चुनौतियों से रूबरू होना पड़ता है। यह बातें अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक नगर विजय पाल सिंह ने कही। वे सत्यार्थ भारत सेवा मिशन एवं महर्षि वाल्मीकि फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वृद्धजन अभिनंदन कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। एसपी सिटी ने रामचरित मानस के अयोध्या काण्ड में उद्घृत चौपाई “सिर भर जाऊं उचित अस मोरा, सब तें सेवक धरमु कठोरा“ का उल्लेख करते हुए‌ कहा कि सेवक अपने स्वामी की सेवा के लिए यदि सिर के बल चल कर भी जाए तो वह कम है।

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श्रावण कुंज नयाघाट स्थित महिला वृद्ध आश्रम में आयोजित वृद्धजन अभिनंदन कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राम दिनेशाचार्य ने कहा कि भौतिकता की दौड़ में हम इतने संवेदना विहीन होते जा रहे हैं कि हम मानवीय विचारधाराओं से भी विमुख हो गए हैं। पुरातन काल में वेद से लेकर पुराणों तक कहीं भी ऐसे किसी वृद्ध आश्रम का उल्लेख नहीं मिलता जहां निराश्रित माता पिता आश्रय लेते हों। सनातन धर्म में माता पिता के आदेश पर सर्वस्व न्यौछावर करने की परंपरा रही है। ऐसे में इस सभ्य समाज में वृद्धाश्रम की आवश्यकता क्यों पड़ रही है यह हम सभी के लिए आत्म मंथन का विषय है। विशिष्ट अतिथि शत्रुध्न निवास के महंत पवन कुमार दास शास्त्री ने कहा कि सनातन धर्म सदैव व्यक्ति की नैतिकता को जागृत करता रहा है। वेद ने भी माता को मनुष्य का सर्वश्रेष्ठ एवं सर्वाधिक पूज्य देवता माना है ऐसे में इन वृद्ध माताओं की सेवा “मातृ देवो भवः“ की संकल्पना को सार्थकता प्रदान करती है।

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सत्यार्थ भारत सेवा मिशन के संयोजक श्रीकान्त द्विवेदी ने बताया कि वृद्धाश्रम में अपना जीवन यापन कर रही 42 निराश्रित बुजुर्ग माताओं को वस्त्र तथा दक्षिणा भेंट स्वरूप प्रदान किया गया। इसके पूर्व अतिथियों को अनीता द्विवेदी, ममता पाण्डेय, मीना अवस्थी, नीलम श्रीवास्तव ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम में आदर्श रंजन, पुनीत रस्तोगी, अरविंद मिश्रा, मनोज श्रीवास्तव, आलोक मिश्रा, रतन लाल, अस्तित्व द्विवेदी,वेद प्रकाश द्विवेदी, संतोष द्विवेदी, योगेश्वर सिंह, सुनील अवस्थी, सुधाकर पाण्डेय, उमाशंकर त्रिपाठी, कृष्ण कुमार पाण्डेय, सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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