प्रसव वेदना से नहीं उबर रहा “मन कक्ष”

  • आठवें माह में भी नहीं मिला मन कक्ष के लिए भवन

  • राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य इकाई की महत्वाकांक्षी योजना को लगा ग्रहण

फैजाबाद। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत फैजाबाद जिला चिकित्सालय में काउंसलिंग सेंटर मन कक्ष प्रसव वेदना से नहीं उबर रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तर प्रदेश के शासनादेश को जारी हुए आठ सात माह बीत चुका है तथा तीन लाख रूपये की संचालन राशि प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के खाते में आ भी चुका है परन्तु मन कक्ष के लिए भवन जिला चिकित्सालय परिसर में उपलब्ध नहीं हो पाया है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य इकाई की महत्वाकांक्षी योजना को ग्रहण लगा है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के महानिदेशक ने 5 फरवरी 2018 को आदेश जारी कर प्रदेश के 44 जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह जनपद स्तरीय काउंसलिंग सेंटर मन कक्ष की स्थापना करे। यह जिम्मेदारी जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को सौंपते हुए निर्देशित किया गया कि कक्ष के बाहर ऊपर मन कक्ष और उसके नीचे ‘कहेहू ते कुछ दुख घटि होई। काहि कहो यह जान न कोई‘ अंकित कराया जाय। इस काउंसलिंग सेंटर में कई चरणों में अधिकारी नियुक्त होंगे। चिकित्सा अधीक्षक मनोरोग विशेषज्ञ चिकित्सा क्लीनिकल साइकोलाॅजिस्ट व कार्यक्रमों में कार्यरत एनटीसीपी/एनपीसीडीसीएस व अन्य मानसिक रोगियों की काउंसलिंग कर रोग का पता लगायेंगे तथा उनका उपचार करेंगे। यह भी निर्देशित किया गया कि सीएचसी, पीएचसी व अन्य स्थानों पर कार्यरत काउंसलर/साइको लाजिस्ट का रोस्टर बनाते हुए माह में कम से कम एक बार मन कक्ष मे अपनी सेवाएं दिये जाने का भी आदेश सीएमओ करें। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि माह में एक दिन पूरे जनपद में नियुक्त काउंसलर व साइकोलाॅजिस्ट मन कक्ष में बैठे जिससे रोगियों को विभिन्न काउंसलिंग सेवाओं के लिए इधर उधर न भटकना पडै। मन कक्ष के लिए जो तीन लाख का बजट आवंटित किया गया है उस राशि से दो टेलीफोन लाइन, कुर्सी मेज आदि का प्रबंध किया जाय। यही नहीं काउंसलिंग के दौरान मरीज की गोपनीयता बनाये रखने का विशेष ध्यान दिया जाय। यही नहीं काउंसलर व साइकोलाजिस्ट का मनदेय भी निर्गत किया जायेगा। मन कक्ष में मानसिक समस्याओं यथा नशाखोरी, अवसाद, एनसीडी रोगों से बचाव के लिए प्रिवेन्टिव परामर्श मनोरोग विशेष के मार्ग दर्शन में उपलब्ध कराना इस महत्वाकांक्षी योजना का मूलय उद्देश्य है। यही नहीं सेंटर की सभी सूचनाओं का संकलन मासिक व त्रैमासिक रिर्पोटों के साथ संलग्न कर राज्य मानसिक स्वास्थ्य कोष को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया।
मन कक्ष के सम्बन्ध में जब जिला चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. अशोक कुमार राय से जब पूंछा गया तो उन्होंने बताया कि मुझे अभी कार्यभार ग्रहण किये हुए तीन माह ही हुआ है वैसे मन कक्ष की स्थापना का प्रयास किया जा रहा है। मन कक्ष स्थापना में साढ़े सात माह का विलम्ब क्यों हुआ इसका कोई स्पष्ट कारण उन्होंने नहीं बताया है।

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