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राष्ट्र की सभ्यता, संस्कृति व विरासत के संवाहक हैं डाक टिकट :के.के. यादव

डाक टिकट प्रदर्शनी ‘‘अवधपेक्स- 2019’’ का हुआ शुभारम्भ

अयोध्या। भारतीय डाक विभाग द्वारा मेथोडिस्ट गर्ल्स इन्टर कालेज में 5 से 7 जनवरी तक आयोजित तीन दिवसीय मण्डल स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी अवधपेक्स- 2019 का रंगारंग कार्यक्रम के साथ शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के चीफ पोस्टमास्टर जनरल विनय प्रकाश सिंह एव विशिष्ट अतिथि लखनऊ मुख्यालय परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव व अयोध्या परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ओंकार सिंह ने दीप प्रज्वलन एवं फीता काटकर कर प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया। अवधपेक्स प्रदर्शनी के पहले दिन ही राम की पैड़ी तथा स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी पं0 शम्भू नारायण सिंह पर डाक विभाग ने स्पेशल कवर जारी किया। विभिन्न स्कूलों से आये विद्यार्थियों ने डाक टिकट प्रदर्शनी का आनंद लिया और विभिन्न कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उ.प्र. के चीफ पोस्ट मास्टर जनरल विनय प्रकाश सिंह ने कहा कि डाक टिकट प्रदर्शनी “अवधपेक्स-2019“ के फैजाबाद मण्डल में आयोजन का मुख्य उद्देश्य यहाँ फिलेटली को बढ़ावा देना है। फिलेटली को “किंग आफ हाबी व हाबी आफ किंग“ के रूप में जाना जाता है, जिसमें रूचि रखने पर अनंत विषयों पर डाक टिकटों का संग्रह कर सकते हैं। श्री सिंह ने कहा कि सूचना एवं प्रौद्योगिकी के बदलते दौर में आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया को अधिक तरजीह दे रही है ऐसे में उनकी पुरानी परम्परागत संचार शैली को बरकरार रखने के लिए बच्चों को फिलेटली (डाक टिकट संग्रह) से भी जुड़ना चाहिए इससे उनका सामान्य ज्ञान भी विकसित होगा। राम की पैड़ी पर विशेष आवरण जारी करते हुए श्री सिंह ने कहा कि इससे अयोध्या के बारे में जानकारी एवं यहाँ आने की प्रेरणा मिलेगी जिससे प्रदेश का पर्यटन भी बढ़ेगा।
इस दौरान प्रदर्शनी के विशिष्ट अतिथि लखनऊ (मुख्यालय) परिक्षेत्र के निदेशक डाक सेवायें कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक टिकट किसी भी राष्ट्र की सभ्यता, संस्कृति एवं विरासत के संवाहक हैं। हाल ही में डाक विभाग ने रामायण के विभिन्न पहलुओं पर डाक टिकटों की सीरीज जारी करके अयोध्या की आध्यात्मिकता और ऐतिहासिकता को वैश्विक स्तर पर समृद्ध किया है। देश-दुनिया से आने वाले पर्यटक और शोधार्थी इन डाक टिकटों के माध्यम से अयोध्या की पावन भूमि के महत्व को समझ रहे हैं। तभी तो डाक टिकट को नन्हा राजदूत कहा जाता है। श्री यादव ने कहा कि हर डाक टिकट के पीछे एक कहानी छिपी है और इससे युवा पीढ़ी को रूबरू कराने की जरूरत है। वक़्त के साथ छोटा सा कागज का टुकड़ा दिखने वाले ये डाक टिकट ऐसे अमूल्य दस्तावेज बन जाते हैं, जिनकी कीमत लाखों -करोड़ों में हो जाती है। डाक निदेशक श्री यादव ने कहा कि यह वर्ष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 जयन्ती वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, इसलिए इस प्रदर्शनी में गांधी जी एवं देश विदेश के तमाम डाक टिकटों का संग्रह प्रदर्शित किया गया है।
प्रदर्शनी के विशिष्ट अतिथि पुलिस महानिरीक्षक ओंकार सिंह ने कहा कि डाक टिकट प्रदर्शनी में विश्व के इतिहास को एक ही टेबल पर डाक टिकटों के माध्यम से देखने का अवसर हुआ। आज फिलेटली के माध्यम से ही पूरे विश्व में डाक टिकट संग्रह करने वालो के ज्ञानवर्धन तथा वैश्विक स्तर पर लगने वाली डाक टिकट प्रदर्शनियों के माध्यम से लोगो को डाक विभाग की इस धरोहर से रूबरू होकर विश्व स्तर का ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में अवध इंटरनेशनल स्कूल के प्रबन्धक श्री अतुल सिंह ने डाक विभाग द्वारा स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी पo शम्भू नारायण सिंह पर स्पेशल कवर जारी किये जाने पर आभार  व्यक्त करते हुए कहा कि शम्भू नारायण सिंह वामपंथी विचारधारा के ऐसे क्रांतकारी थे जिन्होंने आजमगढ़ व  वाराणसी  में स्वतन्त्रता आन्दोलन की अलख जगा रखी थी। 1942 के भारत छोड़ो आन्दोलन के साथ-साथ अन्य आन्दोलनों में उन्होंने भाग लिया।
फैजाबाद मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर जे बी दुर्गापाल ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ स्थानीय फिलेटलिस्टस ने कुल 50 फ्रेम में डाक टिकट प्रदर्शनी को सजाया है। कार्यक्रम का संचालन मुख्य विपणन अधिकारी सत्येन्द्र प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर लखनऊ जीपीओ के चीफ पोस्टमास्टर आर. एन. यादव, सीनियर पोस्टमास्टर सुरेन्द्र पांडेय, फिलेटलिस्ट दिनेश चंद्र शर्मा, हिमांशु सिंह चौहान, सहायक डाक अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, एस आर भारती, आर के यादव, मनोज कुमार, अल्का गौड़, रोहित कुमार, शोभनाथ यादव, सिंकू, सोनेलाल सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारीगण, फिलेटलीस्ट व विभिन्न स्कूलों से आये विद्यार्थी व अध्यापक मौजूद रहे।

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