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समाजसेवी राजन पाण्डेय ने कृषि विवि निर्माण एजेंसी पर लगाया गंभीर आरोप

– तीन माह से तनख्वाह न मिल पाने से कर्मचारी हो रहे परेशान

अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय में विगत 3 महीने से तनख्वाह न मिल पाने के कारण अधिकारियों व कर्मचारियों को कोरोना जैसी महामारी में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि सारी चीजें काफी महंगी हो गई है समाजसेवी राजन पांडे ने कहा कि मेरे द्वारा प्रदेश सरकार से पत्र लिखकर की प्रदेश के मुख्यमंत्री व राज्यपाल से मांग किया है कि अविलंब कर्मचारियों को वेतन दिया जाए जबकि हमारे नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति काफी मेहनत कर रहे हैं ईमानदारी से काम करने का प्रयास कर रहे हैं

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समाजसेवी ने आरोप लगाते हुए कहा कि लेकिन कुछ भ्रष्टाचारी लोग हैं जिनकी वजह से आप ईमानदारी पूर्वक काम नहीं कर पा रहे हैं जिनको आप समझने की और उन पर एक्शन लेने की जरूरत है कर्मचारियों को देने के लिए तनख्वाह नहीं है लेकिन जो एजेंसियां विश्वविद्यालय का करोड़ों रुपए खाए बैठे हैं काम नहीं कर रही हैं पैसे लेकर के भाग गई हैं उन एजेंसियों को विश्वविद्यालय का निर्माण निदेशालय जिसमें भारी भरकम एक्स ई एन से लेकर जेईई ए ई बाबू से लेकर चपरासी तक का बहुत बड़ा स्टाफ है उसके बावजूद काम ना करके सिर्फ भ्रष्टाचार में लिप्त हैं कमीशन खोरी के चक्कर में विश्वविद्यालय को बर्बाद करने में लगे हैं.

श्री पांडे ने कहा कि मैंने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पत्र के माध्यम से मांग किया है कि आखिर कौन सी ऐसी बात है जो विश्वविद्यालय में इतना कर्मचारी होने के बावजूद काम नहीं हो पाता है और सारा पैसा एजेंसियों को ट्रांसफर कर दिया जाता है जो पैसे की बंदरबांट करके एजेंसियां भाग जाती है और यहां के अधिकारी कमीशन खोरी के चक्कर में सिर्फ खानापूर्ति करते हैं हद तो तब हो गई विश्वविद्यालय में निर्माण निदेशालय में रजिस्ट्रेशन हो रहा है और बगैर सॉल्वेंसी और करेक्टर के शायद या भारत का पहला निर्माण निदेशालय होगा जहां बगैर सॉल्वेंसी और करैक्टर के रजिस्ट्रेशन हो रहा है जबकि माननीय उच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कह रखा है बगैर सॉल्वेंसी करैक्टर के कोई रजिस्ट्रेशन ना किया जाए ना ही ऐसे व्यक्ति को काम दिया जाए लेकिन हमारे विश्वविद्यालय में कुछ भ्रष्टाचारियों द्वारा कुलपति को मिस गाइड करके उनकी नौकरी को फंसाया जा रहा है जबकि हमारे कुलपति बेहद ईमानदार अधिकारी हैं इसमें कोई शक नहीं है लेकिन जब तक इन भ्रष्टाचारियों पर अंकुश नहीं लगाएंगे आपकी खुद की नौकरी फंसती जा रही है और आने वाले दिनों में आपके लिए बहुत गड़बड़ होगा जैसे हमारे प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ईमानदार हैं फिर भी नीचे के लोग सब गड़बड़ कर रहे हैं

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सरकार को बदनाम कर रहे हैं वही दशा हमारे विश्वविद्यालय की है प्रदेश के मुख्यमंत्री व राज्यपाल से पत्र लिखकर के मांग की है कि ऐसे भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ जांच करवा कर के सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए जिससे विश्वविद्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके जहां एक और विश्वविद्यालय में 3 महीने से कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं मिल रही है भुखमरी की कगार पर हैं एजेंसियों को करोड़ों रुपए ट्रांसफर हो रहे हैं इससे सीधा अंदाजा लगाया जा सकता है इस सब का मतलब क्या है यदि इस सब पर रोक ना लगी तो मैं इस मामले को लेकर के उच्च न्यायालय में जाऊंगा एक पीआईएल दाखिल करके इन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ जांच की अपील करूंगा।

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