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समाजसेवी ने बंदियों के लिए पहुंचाई पंद्रह दिन की मौसमी सब्जियां

-शिक्षाविद व समाजसेवी डॉ. नीलम ओझा ने बंदियों की सेवा के लिए की पहल

अयोध्या। मंडल कारागार के में निरुद्ध बंदियों को मौसमी सब्जियां उपलब्ध कराने के लिए छावनी परिषद के उपाध्यक्ष रूपेश ओझा की पत्नी व समाजसेवी डॉ नीलम ओझा ने पहल की है। मंगलवार को उन्होंने जेल अधीक्षक से मिलकर करीब 15 दिन के लिए सब्जी उपलब्ध कराई है। उनकी इस पहल पर जेल प्रशासन ने आभार जताया है।

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कारागार के नियमों के अनुसार मंडल कारागार में बंदियों के लिए सब्जी खरीदने का प्रावधान नहीं है। कारागार में स्थित करीब 5 एकड़ जमीन में उगाई गई सब्जियों का सेवन ही बंदी करते हैं। बीते दिनों समाजसेवी डॉ नीलम ओझा 5 बंदियों को रिहा कराने के लिए कारागार पहुंची थी तो उन्होंने 15 दिन के लिए बंदियों को मौसमी सब्जियां उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। इसके बाद जेल प्रशासन द्वारा सब्जियों की सूची दी गई। मंगलवार को समाजसेवी अपने टीम के साथ मंडल कारागार पहुंची और आलू, टमाटर, गोभी सहित तमाम मौसमी सब्जियां उपलब्ध कराया।

इस मौके पर डॉक्टर नीलम ओझा ने कहा कि बंदी भी हमारी तरह एक इंसान हैं, किन्ही कारणों से परिस्थितिवश वह गलत रास्ते पर चले गए और जेल की यात्रा करनी पड़ी। किसी भी रूप में इंसान की सेवा करने का अवसर मिलना मेरा सौभाग्य है। आगे भी हर जरूरत के लिए खड़े रहने का प्रयास करूंगी।

वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्रा ने बताया कि डॉ नीलम ओझा ने बंदियों के भोजन के लिए 20 कुंतल आलू,15 कुंतल बंदगोभी, 10 कुंतल फूलगोभी, 5 कुंतल गाजर, 8 कुंतल टमाटर और 2 कुंतल हरी मटर दान स्वरूप प्रदान किया है। इस मौके पर छावनी परिषद के उपाध्यक्ष रूपेश कुमार ओझा लल्लन पांडे अतुल तिवारी विक्रांत रितिक सिंह व अन्य मौजूद रहे।

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