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रामायण प्रसंगों पर आधारित मूर्तियों से सजेगा श्रीराम जन्मभूमि परिसर

-सीता हरण प्रसंग तक प्रतिमा निर्माण कार्य हो चुका पूरा

अयोध्या। रामायण के प्रसंगों पर आधारित मूर्तियों से श्रीराम जन्मभूमि परिसर को जीवन्त रूप दिया जाएगा। रामकथा कुंज में बन रही मूर्तियों का निर्माण सीता हरण प्रसंग तक पूरा कर लिया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय की देख-रेख में इन मूर्तियों का निर्माण हो रहा है। असम प्रदेश के मूर्तिकार रंजीत मंडल, उनके पिता नारायण चंद्र मंडल व उनकी टीम मूर्तियों का निर्माण कर रही है।

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राम जन्मभूमि मंदिर में रामायणकालीन प्रसंगों पर मूर्तियों को स्थापित करने की इच्छा स्व. अशोक सिंघल की थी। उन्होंने ने ही मूर्तिकार रंजीत मंडल को असम से लाकर अयोध्या रामकथा कुंज में स्थापित किया था। रामकथा कुंज में रामायण कालीन मूर्तियों का निर्माण 2013 से चल रहा है। मूर्तिकार रंजीत मंडल ने बताया कि यह सब. अशोक सिंघल की परिकल्पना थी। उन्हीं के कहने पर बनाई जाने शुरू हुई।

अब राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय की निगरानी में मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है। सीमेन्ट, लोहे की छड़ व स्टील की जाली से इन मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है। राम जन्म से लेकर सीताहरण तक के प्रसंगों की मूर्तियां बन कर तैयार है जिसमें रंग भरने का कार्य किया जाना है। वर्ष 2023 में भगवान रामलला अपने दिव्य भव्य मंदिर में विराजमान हो जाएंगे।इसी के साथ इन सभी मूर्तियों को भी स्थापित किया जाएगा। बताया कि अयोध्या के संतों में इन मूर्तियों को लेकर उत्साह है।

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