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संस्कार भारती ने किया भारत माता का पूजन

अयोध्या। संस्कार भारती साकेत अयोध्या द्वारा भारत माता पूजन कार्यक्रम तुलसी स्मारक भवन अयोध्या में आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता साहित्य भूषण डॉ0 देवी सहाय पाण्डेय दीप ने की। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि संस्कार भारती अवध प्रान्त के सह साहित्य प्रमुख हास्यकवि अजय प्रधान ने माँ सरस्वती के चित्र पर मार्ल्यापण कर किया।
प्रथम सत्र में अध्यक्ष डॉ0 दीप ने साहित्य तथा राष्ट्र के प्रति कवियों, लेखकों का धर्म याद दिलाते हुये सर्वधर्म समता और जीव मात्र की रक्षा की भावना से काम करने तथा देश हित में मर मिटने की प्रेरणा दी। कवि को प्रजापति बताते हुये उससे भी ऊपर कहा कि ब्रम्हा की रचना में षडरस होते हैं किन्तु कवि की रचना में नौ-दस रसों का समावेश होता हैं। ब्रम्हा की सृष्टि में सुख और दुख देनों होते है किन्तु कवि की कविता में करूण रस भी श्रोताओं को आनन्दानुभूति कराता है। मुख्य अतिथि अजय प्रधान ने स्व0 गोपाल दास नीरज की पंक्तियां उद्धृत करते हुये कहा कि आत्मा के सौन्दर्य का मूर्तरूप है काव्य। मानव होना भाग्य है, कवि होना सौभाग्य। इस कारण भरत माता के पूजन की सक्रियता तब होगी जब कविगण राष्ट्रप्रेम और विश्व बंन्धुत्व तथा समाज का दर्पण बनकर रचनायें करे। आमंत्रित कवियों, शायरों के सम्मेलन का शुभारम्भ मास्टर खलीक द्वारा माउथ आर्गन पर राष्ट्रगान की धुन के साथ वंद मातरम से हुआ। बस्ती के वेद प्रकाश दूबे ने वीर रस में भारती की वंदना की, इसके बाद मासूम लखनवी अजय प्रधान, कात्यायनी उपाध्याय, जयदीप पाण्डेय, विक्रमादित्य, शलभ, गोविन्द सोनी, रामबाबू बेबस, आनन्द शक्ति पाठक आदि कवियों द्वारा राष्ट्र भक्ति तथा कौमी एकता की पंक्तियों की भारत माता का पूजन किया गया इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार महेन्द्र त्रिपाठी, डॉ0 आनन्द उपाध्याय, डॉ0 जगदीश जायसवाल आदि उपस्थित रहे। हिन्दी प्रचार प्रसार सेवा संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ0 सम्राट अशोक मौर्य व अशोक टाटम्बरी ने समस्त कवियों व साहित्यप्रेमियों का आभार व्यक्त किया। आयेजन के मुखिया साकेत इकाई के महामत्री डॉ0 अनुपम पाण्डेय ने अतिथियों, कवियों तथा गणमान्य जनों सहित आयोजन से जुड़े मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह प्रदान किया। अन्त में वरिष्ठ कवि स्व0 रवि जी की पत्नी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर शोक श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

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Written by Next Khabar Team

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