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साकेत महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने अवध विवि की परीक्षाओं का किया बहिष्कार

-कहा-एक तरफ विवि ने 23 मई से ग्रीष्म अवकाश घोषित किया वहीं दूसरी तरफ 31 मई से परीक्षाओं की भी घोषणा


अयोध्या। का.सु. साकेत महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने 31 मई से शुरू हो रही अवध विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया है। यह जानकारी साकेत महाविद्यालय के मुख्य नियंता डॉ. अनिल कुमार सिंह ने सोमवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में दी है। मुख्य नियंता का कहना है कि एक तरफ विश्वविद्यालय ने 23 मई से ग्रीष्म अवकाश घोषित किया हुआ है वहीं दूसरी तरफ 31 मई से परीक्षाओं की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ग्रीष्म अवकाश के कारण कॉलेज के अधिकांश प्राध्यापक छुट्टियों में बाहर जा चुके हैं, ऐसे में परीक्षाओं को सकुशल संपन्न कराना बहुत ही मुश्किल होगा।

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डॉ. अनिल कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने परीक्षा समिति की बैठक में प्राचार्यों के विरोध के बावजूद परीक्षा तिथि घोषित की है, उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने ही शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करने में अक्षम रहा है, ऐसे में जून की भीषण गर्मी में परीक्षाओं के आयोजन का निर्णय घोर अमानवीय और संवेदनहीन है। उन्होंने कहा कि कुलपति न प्राध्यापकों से मिलती हैं और न ही कोई संवाद करती हैं। अभी तक पिछले सेमेस्टर का रिजल्ट तक देने में विश्वविद्यालय अक्षम रहा है। पिछले तीन साल से भीषण गर्मी और सर्दी में विश्वविद्यालय की परीक्षाओं में प्राध्यापकों ने सहयोग किया है। नियमित मिलने वाले शीतावकाश और ग्रीष्मावकाश में भी परीक्षाओं का संचालन किया गया है।

विश्वविद्यालय हर बार प्रतिकर अवकाश की बात करता है लेकिन कभी उसका पालन नहीं किया जाता। कठिन मौसम में छात्र-छात्राऐं तथा प्राध्यापक बीमार होकर वेहोश होते हैं तो कालेज प्रशासन अपने संसाधनों से उन्हें अस्पताल पहुँचाता है। विश्वविद्यालय कोई जिम्मेदारी नहीं लेता है, ऐसे में परीक्षा बहिष्कार के अतिरिक्त प्राध्यापकों के पास कोई विकल्प नहीं बचा है। साकेत महाविद्यालय के सभी प्राध्यपकों ने आम सहमति से परीक्षा बहिष्कार का निर्णय लिया है। ऐसे में अगर कोई अवांछनीय घटना घटित होती है तो उसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन जिम्मेदार होगा। छात्र-छात्राओं से निवेदन है कि भविष्य में परीक्षा सम्बन्धी किसी भी जानकारी के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से सम्पर्क करें। महाविद्यालय के शिक्षकों का सुझाव है कि परीक्षा माह जुलाई, 2024 में करायी जाय, जिसमें सभी शिक्षक परीक्षा में सहयोग करेंगे।

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विरोध करने वालों में प्रो. बी.डी. द्विवेदी, छात्र कल्याण अधिकारी, प्रो. आशीष प्रताप सिंह, महामंत्री, शिक्षक संघ, प्रो. कविता सिंह, प्रो. पूनम जोशी, प्रो. वन्दना जायसवाल, प्रो. सुधीर राय, डॉ. आशीष विक्रम सिंह, प्रो. ओ.पी. यादव, अध्यक्ष, शिक्षक संघ, प्रो. समरेन्द्र सिंह, प्रो. कुमुद रंजन, प्रो. उमापति, डॉ. राजकुमार, डॉ. जनमेजय तिवारी, डॉ. प्रशान्त पाण्डेय, डॉ. सूरज, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. अंजू, डॉ. विपिन कुमार, डॉ. संतोष कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, अवध विश्वविद्यालय शिक्षक संघ, डॉ. संत लाल, मंत्री अवध विश्वविद्यालय, शिक्षक संघ, डॉ. अकबर मेंहदी मुजफ्फर, डॉ. ऋचा पाठक, डॉ. अनामिका माथुर, डॉ. संदीप वर्मा, डॉ. रमेश प्रताप सिंह, डॉ. विपिन कुमार सिंह, डॉ. मुकेश पाण्डेय, डॉ. प्रभात श्रीवास्तव, डॉ अवधेश शुक्ला एवं डॉ. शशि कुमार शामिल रहे।

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