सह सम्मान रोजगार व न्यूनतम वेतन कामगारों का हक: नीलम कुमारी

0

कामगारों को संगठित करने का लिया संकल्प

अयोध्या। घरेलू कामगारों ने मजदूर दिवस पर महाराजा बिजली पासी चैराहा करम अली का पुरवा में एकजुट होकर कामगारों को संगठित करने का संकल्प लिया। संवाद कार्यक्रम में बोलते हुए घरेलू कामगार अधिकार मंच की जिला संयोजक नीलम कुमारी ने कहा कि शहर मे सैकड़ों की संख्या में घरेलू कामगार महिलाएं हैं। जिनकी न तो दिहाड़ी तय है और न ही उनको कामगार की श्रेणी में गिना जाता है। छुट्टी, काम के घंटे आदि कुछ भी तय नही है। शिक्षा, चिकित्सा और तमाम नागरिक अधिकारों से अभी भी कामगार समुदाय वंचित है। इसके विषय मे न तो सरकार और न ही श्रम विभाग कोई पहल कर रहा है। घरेलु कामगारों के लिए अलग से कानून और बोर्ड बनाने की हमारी माँग रही है। इस विषय में हम जल्द ही श्रम विभाग के अधिकारियों के माध्यम से सरकार को अपनी माँग भेजेंगे।
कामगार संवाद में बोलते हुए सामाजिक कार्यकर्ता शिव सामंत मौर्या ने कहा कि श्रमिकों के शोषण में रोज बा रोज श्रम कानूनों को सरकार कमजोर कर रही है। देश मे लगातार श्रम कानूनों पर हो रहे हमलों को रोकने के लिए कामगार समुदाय को आगे आना होगा। अपनी भविष्य और हक को पाने का हर व्यक्ति को अधिकार है इसकी गारंटी संविधान हमको प्रदान करता है। संवाद कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता आफाक उल्लाह ने कहा कि असंगठित क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। और आने वाले समय मे सबसे ज्यादा मजदूर असंगठित क्षेत्र में ही होंगे। ऐसे में जरुरी हो गया है कि श्रम कानूनों को और मजबूत किया जाय। जिससे कामगारों के शोषण को रोका जा सके। साथ ही हम लोग बस्तियों, मोहल्लों में अभियान के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, युवाओं की लोकतंत्र में भागेदारी और अपने मुद्दों को केंद्रित करते हुए लोकतंत्र के महापर्व में शामिल होने की अपील कर रहे है। गुफरान सिद्दीकी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि कामगारों का संगठन विभिन्न स्तरों पर बन रहा है। ये एक संकेत है कि अपने हक की लड़ाई को लड़ने के लिए पहल हो रही है। विश्व मजदूर दिवस की शुभकामनाओं के साथ कामगारों से अपील की कि 6 मई को वोट डालने जरूर जाएं। कार्यक्रम में मुख्यरूप से अनीता, रंजना, शोभा, माया देवी, रुखसाना, ऊषा, उर्मिला, राजकुमारी, अलका, सुनीता, निशा देवी, कलावती, पार्वती, गुलाबा, मोहम्मद अली, शिवांशु आशीष, दीपक व अन्य लोग शामिल हुए।

इसे भी पढ़े  शादी से किया मना, तो करा दी प्रेमी सिपाही की हत्या

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

%d bloggers like this: