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महिलाओं के उत्पीड़न सम्बन्धित समस्याओं की हुई समीक्षा

अयोध्या। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, की सदस्य सुमन सिंह ने सर्किट हाउस में जनपद में हुये महिलाओं के उत्पीड़न सम्बन्धित समस्याओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होनें महिलाओं के उत्पीड़न सम्बन्धी पूर्व में किये गये कृत कार्यवाही की समीक्षा की जिसमें बताया गया कि पिछले माह में जो भी महिला उत्पीड़न सम्बन्धित मामले आये थे उन्हें सम्बन्धित थानों ने अपने स्तर से उन समस्याओं का समय से निस्तारण कर दिया है। बाल कल्याण समिति की जनपद में अब तक कोई भी शिकायत प्राप्त नही हुई हैं।
आयोग सदस्य सुमन सिंह की महिला जनसुनवाई के दौरान उनके समक्ष मौके पर 06 शिकायती प्रार्थना-पत्र महिला उत्पीड़न के प्रस्तुत किये गये, जिसमें एक बलात्कार के, दो प्रार्थना-पत्र पतियों द्वारा किया गया उत्पीड़न सम्बन्धित, एक प्रार्थना-पत्र सास-ससुर और पति दहेज उत्पीड़न तथा दो प्रार्थना-पत्र महिलाओं की जमीन पर अवैध कब्जा किये जाने सम्बन्धित थे। सदस्य ने प्राप्त सभी महिला उत्पीड़न शिकायती प्रार्थना-पत्रों को सम्बन्धित अधिकारियों को मौके पर जाकर सुलहा समझौता और निरीक्षण कर प्रकरणों को निस्तारण करने हेतु निर्देश दिया। सरिता देवी निवासी रीड़गंज कोतवाली के पति के उत्पीड़न की कार्यवाही हेतु थाना कोतवाली अयोध्या को फोन करके सम्बन्धित प्रार्थना-पत्र के अनुसार तत्काल उनके पति के खिलाफ एफ0आई0आर0 दर्ज करके कार्यवाही किये जाने एवं न्याय दिलाने हेतु निर्देश दिये।
सदस्य ने कहा कि राज्य महिला आयोग की प्रमुख प्राथमिकता है कि समाज के किसी भी महिला के साथ कोई उत्पीड़न न हो, यदि उत्पीड़न सम्बन्धित किसी प्रकार की कोई शिकायत आती है तो उसे तत्काल न्याय दिलाकर उसके उत्पीड़न को समाप्त करना है अतः सम्बन्धित अधिकारीगण महिला उत्पीड़न से सम्बन्धित प्रत्येक मामलों को तत्काल समय से निस्तारित करें, उसे फाइलों में बन्द करके न रखें, जिसके कारण पीड़ित महिला को इधर-उधर भटकना न पड़ें।
उन्होनें अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि प्रत्येक माह में होने वाले महिला जन सुनवाई की निर्धारित तिथि के एक हफ्ते पहले ही यह देख लिया जाये कि सम्बन्धित थानों/चौकियों पर महिला उत्पीड़न की शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गयी है और कितने महिलाओं के शिकायती समस्याओं का निराकरण किया जा चुका है जो नहीं किया जा सका तो क्यों नही हुआ, कारण सहित प्रस्तुत करें, जिससे उस शिकायत के निराकरण हेतु कृत कार्यवाही किया जा सके।

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