The news is by your side.

सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मनाया गया ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस’

-हर गर्भवती महिला को हो ये एहसास, कि वो है सबसे खास” को आत्मसात कर मनाया गया अभियान

अयोध्या । प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जनपद में 1123 से अधिक महिलाओं ने प्रसव पूर्व जाँच करवाई, इसके लिए जिला महिला अस्पताल समेत समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि इस मौके पर महिला रोग विशेषज्ञों की देख रेख में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व की सम्पूर्ण जांच कर उनका टीकाकरण किया गया द्य विटामिन, आयरन-फोलिक एसिड व कैल्शियम की दवाएं वितरित कर महिलाओं को प्रसव पूर्व व प्रसव उपरान्त संतुलित और पौष्टिक आहार लेने, साफ-सफाई रखने, समय-समय पर चिकित्सीय परामर्श लेने और प्रसव संस्थागत कराने के लिए प्रेरित किया गया।

Advertisements

ब्लाक रुदौली में आयोजित सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजू के द्वारा गर्भवती महिलाओं की एएनसी (प्रसव पूर्व जांच) की गई द्य इस दौरान महिलाओं का अल्ट्रासाउंड, वजन, हीमोग्लोबिन, ब्लड-प्रेशर, ब्लड-ग्रुप, ब्लड-शुगर, एचआईबी, हेपेटाइटिस-बी व पेट की जाँच की गयी द्य इसके अलावा महिलाओं को टिटनेस का टीका लगाया गया तथा आयरन-फोलिक एसिड, कैल्शियम और अन्य आवश्यक दवाएं दी गयीं द्य जाँच के दौरान गंभीर रक्ताल्पता पाई गयी महिलाओं को आयरन-शुक्रोज लगाया गया तथा उन्हें दवा के नियमित सेवन के साथ-साथ विशेष देखभाल रखने और समय-समय पर चिकित्सीय परामर्श लेते रहने की सलाह दी गयी। इस मौके पर डॉ अंजू ने बताया कि किसी गर्भवती महिला में यदि 7 ग्राम से कम हीमोग्लोबिन होता है, तो उसको सीवियर एनीमिया की स्थिति में रखा जाता है द्यउन्होंने ने कहा कि गर्भावस्था के समय महिलाओं को कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच करानी चाहिए और नियमित चिकित्सीय सलाह लेते रहना चाहिए द्य उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को हरी साग-सब्जियों, अंकुरित चना एवं दाल, गुड़ आदि का अधिक से अधिक सेवन करना जरूरी होता है।

इसे भी पढ़े  सरयू की निर्मलता के लिए कार्ययोजना तैयार करने को किया गया मंथन

इस मौके पर डॉ.अंजू ने कहा कि सुरक्षित मातृत्व दिवस का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को जागरूक करना, सुरक्षित प्रसव और शिशु को स्वस्थ जीवन प्रदान करने के साथ ही मातृ मृत्यु-दर को कम करना है। सुरक्षित मातृत्व दिवस के मौके पर महिलाओं का अल्ट्रासाउंड व् पैथालाजी जांच की गयी। इसी क्रम में जनपद में आयोजित सुरक्षित मातृत्व दिवस पर 1123 से अधिक गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व की सभी जाँच कर चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया गया।

 

Advertisements

Comments are closed.