सकारात्मक विचार से जीवन को बना सकते हैं बेहतर: प्रो. एस.एन. शुक्ल

2
  • इलेक्ट्रानिक्स के छात्रों हेतु आयोजित हुआ इन्डेक्सन प्रोग्राम-2018

  • नवगान्तुक छात्रों का स्वागत करते हुए उन्हें विषयगत पाठ्यक्रमों की विस्तार पूर्वक  दी गयी जानकारी

फैजाबाद। सकारात्मक विचार से ही आप अपने जीवन को बेहतर बना सकते है। इसलिए आप हमेशा अपने मन मस्तिष्क में सकारात्मक विचार रख कर अपने जीवन को प्रगति के पथ पर अग्रसर करें। उक्त उद्गार डाॅ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो0 एस0एन0 शुक्ल ने फिजिक्स व इलेक्ट्रानिक्स विभाग में बी0एस0सी0, एम0एस0सी0 फिजिक्स व एम0एस0सी0 इलेक्ट्रानिक्स के छात्रों हेतु आयोजित इन्डेक्सन (अधिष्ठापन) प्रोग्राम-2018 को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किया।
कुलसचिव डाॅ0 शुक्ल ने डिपार्टमेन्ट आॅफ फिजिक्स एण्ड इलेक्ट्रानिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो0 के0 के0 वर्मा की प्रसंशा करते हुए कहा कि श्री वर्मा जी ने विश्वविद्यालय में एक नई परम्परा की शुरूआत कि, हमें उम्मीद है कि इन्डेक्सन प्रोग्राम को जल्द ही सभी विभागों में शुरू होगा। कुलसचिव ने फिजिक्स डिपार्टमेंट में स्नातक कक्षाएं प्रारम्भ कराने के लिए भी प्रो0 के0 के0 वर्मा की सराहना की। इन्डेक्सन प्रोग्राम को सम्बोधित करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो0 के0 के0 वर्मा ने नवगान्तुक छात्रों का स्वागत करते हुए उन्हें विषयगत पाठ्यक्रमों की विस्तार पूर्वक जानकारी दिया। इन्डेक्सन प्रोग्राम को सम्बोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो0 आर0 एन0 राय ने छात्रों को अनुशासन में रहने की सीख देते हुए कहा कि अनुशासित व्यक्ति ही देश को कुछ दे सकता है। हमें स्वानुशासन में रहना चाहिए। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो0 आशुतोष सिन्हा ने छात्रों को एन्टी रैंगिग, फीस वापसी, छात्रवृत्ति के बारे में जानकारी दी। साथ ही विश्वविद्यालय में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं को प्रतिभाग करने का आह्वान किया। पुस्तकालयाध्यक्ष डा0 आर0 के0 सिंह ने छात्र-छात्राओं को पुस्तकालय के बारे जानकारी देते हुए बताया कि पुस्तकालय विज्ञान एक मात्र विज्ञान है जिसके जनक भारत के डाॅ0 एस0 आर0 रंगनाथन है। जो कि गणित विषय के प्रो0 होने के बावजूद भी पुस्तकालय विज्ञान को स्थापित किया। छात्रों को पुस्तकालय द्वारा दिये जाने वाले सुविधाओं के बारे में भी बताया। नेचुरोपैथी एण्ड योगा साइंस के डाॅ0 वंशराज मौर्य ने छात्रों को स्वस्थ रहने की तरीके बताये। उन्होंने बताया कि हमें अपने शरीर के अनुसार ही भोजन ग्रहण करना चाहिए। जो व्यक्ति स्वस्थ नहीं वह देश के लिए भार है। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केन्द्र की प्रभारी डाॅ0 दीपशिखा चैधरी, डाॅ0 दीपशा दूबे ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती के तैल चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर किया गया। छात्राओं ने विश्वविद्यालय कुलगीत से कार्यक्रम की शुरूआत किया। कार्यक्रम में डाॅ0 सिन्धु सिंह, डाॅ0 अनिल यादव, डाॅ0 गीतिका श्रीवास्तव, डाॅ0 अश्वनी कुमार, संजय जायसवाल, सहित फैकल्टी के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन छात्रा प्रतिज्ञा व अनुष्का ने किया।

इसे भी पढ़े  फिल्मी कलाकारों की रामलीला के छठवें दिन बालि वध, रावण सीता संवाद और लंका दहन का हुआ मंचन

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

%d bloggers like this: