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धरना दे रहे ग्रामीणों पर पुलिस ने किया लाठी चार्ज

-मची भगदड़, कई पुलिसकर्मी घायल

बाराबंकी। जनपद के थाना असन्द्रा क्षेत्र में बीती रात गोली काण्ड में हुई संगीता की मौत को संदिग्ध मानते हुए पुलिस अधिकारियों ने मृतका के पति को ही हिरासत में ले रखा है। देर शाम जब पोस्टमार्टम होने के बाद संगीता की लाश को लेकर जैसे ही परिजन गांव के बाहर पहुंचे तो सैकड़ो की संख्या में ग्रामीणों ने सिद्धौर-कैसरगंज मार्ग पर जाम लगा दिया।

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ग्रामीणों का कहना था कि जब तक पुलिसकर्मी मृतका के पति दामोदर को नही छोड़ते हैं तब तक हम लोग सड़क जाम नही हटायेंगे। इसी बीच असन्द्रा पुलिस हिरासत में लिये हुए दामोदर वर्मा को लेकर जब धरना स्थल पर पहुंची तो गाड़ी से नीचे उतरते ही दामोदर ने रोते हुए यह कहना शुरु कर दिया कि पुलिस वालों ने मुझे बहुत मारा है अब मुझे जाने न देना। इतना सुनते ही धरना स्थल पर बैठी महिलाएं और पुरुषों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया।

हमले करीब आधा दर्जन पुलिस कर्मी जब घायल हो गये तो वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने धरना दे रहे ग्रामीणों पर लाठी चार्ज शुरु कर दिया। लाठीचार्ज होते ही भगदड़ मच गयी। ग्रामीण अपनी जान बचाकर वहां से भाग खड़े हुए। दहशतजदा ग्रामीणों ने खेतों में जाकर शरण ली। जबकि एम्बुलेंस में लायी गयी संगीता की लाश वहीं पर पड़ी है। अन्तिम संस्कार करने के लिये कोई भी नही बचा है। लाठीचार्ज की सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पर आस पास क्षेत्रों के थाने की पुलिस पहुंच चुकी है पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया है।

पुलिस ने करीब आधा दर्जन लोगों को पुलिस टीम पर हमला करने वालों को हिरासत में ले लिया है। अरुई गांव में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। वहीं इस सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी रामसनेहीघाट पंकज सिंह का कहना था कि पुलिस ने लाठी चार्ज नही किया है धरना दे रहे ग्रामीणों ने ही पुलिस टीम पर हमला बोला जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

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