जनसंख्या स्थिरता में सभी धर्मों की सहभागिता जरूरी

परिवार नियोजन के महत्व पर धर्म गुरुओं व विचारकों ने डाला प्रकाश

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फैजाबाद। जिलाधिकारी की अध्यक्षता एवं विभिन्न धर्म गुरुओंध्विचारकों की अगुवाई में कलक्ट्रेट सभागार में धर्म गुरु सम्मेलन आयोजित की गयी। बढ़ती जनसंख्या को स्थिर करने के मकसद से धर्म गुरुओं व विचारकों द्वारा परिवार नियोजन के साधनों को सभी धर्मों के लोगों द्वारा अपनाने के लिए सकारात्मक चर्चा किया गया। सम्मेलन की शुरुवात मुख्य चिकित्साधिकारी द्वार सभी धर्म गुरुओं को बुके देकर किया गया।कार्यक्रम का संचालन डॉ सी॰पी सिंह, सेवानिवृत जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी, द्वारा किया गया। उन्होने बताया कि वर्ष 1989 के बाद हर साल जनसंख्या नियंत्रण की जरूरत को समझते हुये इस दिशा में सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। बढ़ती जनसंख्या केवल संसाधनों की कमी का सबब नहीं है अपितु तेजी से बदलते जलवायु परिवर्तन के लिए भी समान रूप से उत्तरदायी है।
सलाम जाफरी, अशफाक उल्लाह शोध संस्था, ने बताया कि देश की बढ़ती हुयी जनसंख्या सभी धर्मों के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। उन्होने इस्लाम धर्म का हवाला देते हुये बताया कि इस्लाम धर्म मे कहा भी गया है कि बच्चे उतने ही होने चाहिए जितनो की परवरिश बखूबी की जा सके। इसके लिए परिवार और समाज का शिक्षित होना लाजिमी है। आचार्य मुरलीधर शुक्ला,मधुसूदन विद्या मंदिर, ने बताया कि भारतीय सभ्यता सर्व धर्म हिताय, सर्व धर्म सुखाय पर ही आधारित है। सभी सुखी हों एवं सभी रोगमुक्त हो इसके लिए जरूरी है कि देश की जनसंख्या नियंत्रित हो। इसका हल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। डॉ निहाल रजा,अध्यक्ष मरियम क्लब, ने बताया कि यदि जनसंख्या नियंत्रण के लिए सफल एवं असरदार प्रयास नहीं किए गए तब आने वाले कुछ सालों मे हमारे देश की जनसंख्या चीन से भी ज्यादा हो जाएगी। इसके लिए परिवार नियोजन को ह्यूमन राइट बनाने की जरूरत है।
मोहम्मद आरिफ,संचालक मेलोडी मूड्स, ने बताया कि परिवार नियोजन एक सोच है जिसका किसी धर्म से कोई ताल्लुक नही है। जनसंख्या नियंत्रण के लिए सभी समुदायों को एक साथ मिलकर कार्य करने की जरूरत है। मंजर मेहंदी, संपादक आप कि ताकत, ने कहा कि संसाधन सीमित है किन्तु आबादी दिन व दिन बढ़ती जा रही है जो समस्या का सबब है। जनसंख्या नियंत्रण के लिए जरूरी है कि लोग अपने बढ़ते परिवार के खुशहाली के लिए संसाधनों की उपलब्धता, उनका कुशल प्रबंधन एवं सटीक कार्ययोजना की रूप रेखा बना कर विचार करें कि क्या उनका बढ़ता परिवार देशहित के लिए है या नहीं। उन्होने बताया कि नारी सशक्तीकरण जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रभावशाली साबित हो सकता है। उन्होने बताया कि एक शिक्षित बेटी ही शिक्षित परिवार कि नीव होती है। सचिन इंसा ने बताया कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए सीमित परिवार,सुखी परिवार की सोच को समाज मे फैलाने कि जरूरत है।
डॉ अनिल कुमार,जिलाधिकारी, ने उपस्थित सभी धर्म गुरुओं को अपने बहुमूल्य समय से वक्त निकालकर चर्चा करने के लिए ध्न्यवायद ज्ञापित किया। उन्होने बताया कि कहीं ना कहीं आम लोगों को परिवार नियोजन के महत्व एवं जनसंख्या नियंत्रण की जरूरत के विषय मे जानकारी है। इसके बावजूद भी सकारात्मक नतीजा देखने को नहीं मिलता। इसके लिए जरूरी है कि जो लोग जागरूक हैं उन्हें परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। प्राइवेट हॉस्पिटल के डॉ पवन एवं डॉ खरे ने भी बताया कि परिवार नियोजन के विषय में अस्पताल मे आने वाले रोगियों को भी जागरूक किया जायेगा। साथ ही परिवार नियोजन को अपनाने से होने वाले फायदों के विषय मे बताया जायेगा।
डॉ. सी.बी द्विवेदी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी, डी॰ के श्रीवास्तव जिला फाइलेरिया अधिकारी,रामप्रकाश पटेल डीपीएम, अमीत कुमार डीसीपीएम, बी॰पी सिंह जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी,वसी अहमद जिला मोनिट्रिंग एंड इवैल्यूएशन विशेषज्ञ, डॉ रजी जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ,एन॰बी मिश्रा, एच॰एल॰एफ॰पी॰पी॰टी एवं पी॰एस॰आई से जिला स्तरीय अधिकारी के साथ अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।