धान की नर्सरी गर्भ में पल रहे शिशु के समान

 

कृषक प्रशिक्षण शिविर का हुआ आयोजन

फैजाबाद।  धान की नर्सरी गर्भ मे पल रहे शिशु के समान होती है इसलिए जिस प्रकार हम लोग एक शिशु की देखभाल करते है। उसी प्रकार हमे धान की नर्सरी की देख रेख करनी होगी। धान की नर्सरी को समय से खेतो मे रोपाई करना चाहिये। ज्यादा दिनो की नर्सरी होने पर पैदावार मे कमी आ जाता है। इस समय खाली पडे खेतो की गहरी जोताई कर छोड देने पर मृदा मे छुपे शत्रु कीट स्वात नष्ट हो जायेगे।

यह बातें कृषि विज्ञान केंद्र मसौधा के प्रभारी डॉ. मिथिलेश कुमार पाण्डेय ने पूरा बाजार ब्लॉक के समाहाखुर्द गांव में नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड द्वारा आयोजित कृषक प्रशिक्षण में किसानों को संबोधित करते हुए कहीं। कृषक प्रशिक्षण में एन.एफ.एल. के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ पी.के.मिश्रा ने खेती के साथ-साथ रोजगार के रूप में लघु उद्योग अपनाने की सलाह दी। उन्होंने उन्होंने खेतों में रासायनिक खादों के बजाए जैविक खाद डालने पर जोर दिया। प्रशिक्षण में वैज्ञानिक डॉक्टर रामगोपाल यादव ने जायद में बोई जाने वाली फसल,उर्दू ,मूंग मक्का,गन्ना व खरीफ की मुख्य फसल धान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण में एन.एफ.एल. जिला प्रबंधक राकेश कुमार पाण्डेय ने बताया यह गांव हमारी कंपनी के द्वारा गोद लेकर गांव के प्रत्येक किसान को कृषि के प्रति प्रशिक्षित करने के लिए संकल्पबद्ध है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ ए.पी.सिंह, पी. एस.गौतम प्रगतिशील कृषक संजय पासवान,रामदेव रघुनाथ वर्मा,राधेश्याम गुप्ता सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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