अभी तुम जमीं पर और थोड़ी सीढ़िया चढ लो…..

अयोध्या महोत्सव में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन

अयोध्या। अयोध्या महोत्सव में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में स्वागत एवं दीप प्रदीपन मुख्य अतिथि सहकारिता मंत्री उ0प्र0 मुकुट बिहारी वर्मा तथा अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रूदौली विधायक रामचन्दर यादव, कार्यक्रमाध्यक्ष रमाशरण अवस्थी ने किया।
मुख्य अतिथि का स्वागत अयोध्या महोत्सव समिति अध्यक्ष हरीश कुमार श्रीवास्तव, भाजपा मण्डल अध्यक्ष हरभजन गौड़, वरिष्ठ भाजपा नेता आदित्य नारायन मिश्रा, रमेश सिंह, अभिषेक मिश्रा, गिरीश पाण्डेय डिप्पुल, शक्ति सिंह, अयोध्या महोत्सव समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार पाण्डेय खुन्नू, उपाध्यक्ष अमल गुप्ता, जयशंकर श्रीवास्तव, विष्णु प्रकाश आदि ने किया। अयोध्या महोत्सव के विशाल सांस्कृतिक मंच पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के कार्यक्रम की अध्यक्षता रमाशरण अवस्थी जी ने संयोजन हास्य कवि पंकज श्रीवास्तव तथा संचालन रामकिशोर तिवारी के द्वारा किया गया। जिसमें राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गीतकार डा0 विष्णु सक्सेना, प्रताप फौजदार, आजत शत्रु, दिनेश बावरा, मानसी द्विवेदी, रश्मि शाक्य, नीर गोरखपुरी, शिवकुमार व्यास, पद्मकान्त शर्मा, सुफलता त्रिपाठी, डा0 स्वदेश रश्मि, अन्वेषा श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे। जिन्हांने अपने गीतों से तथा अपने कविताओं से आये हुये अपार जनसमूह को मंत्र मुग्ध कर दिया। राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डा0 विष्णु सक्सेना ने अपने गीत अभी तुम हो जमीं पर थोड़ा और सीढ़िया चढ़ लो। अंगूठी में नगीनों की जगह तुम आइना जड़ लो, कुरान-ए-पाक, गीता और रामायण में ढूंढ़ो मत, अगर मिलना है तो उससे तो तुम अपने आप को पढ़ लो………….गीत पेश कर तथा आये हुये श्रोताओं की मांग पर अपनी प्रसिद्ध गीत पूजा के थाल की पंक्तियों श्रोताओं को करतल ध्वनि से ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हास्य कवि प्रताप फौजदार ने देशभक्ति से ओत प्रोत होकर अपनी रचना पेश की। सैनिकों को खुली छूट दे दो, आतंकी मार गिराने की, आतंकवाद न मिट जाये तो मेरी मुछं मुड़ लेना, दुरबीन मैं हाथ में दे दूंगा तुम पाकिस्तान ढूंढ लेना………..जैसी कविताएं सुनाकर लोगों में देशभक्ति के प्रति उत्साह भर दिया। इसके साथ ही उन्होंने हास्य चुटकियों में कहा कि मैंने अपने बेटे से कहा कि मेरा सर ऊंचा करे मैं रात में सोया तो उसने दो तकिया रखकर मेरा सर ऊंचा कर दिया। मैंने पूछा ये क्या कर रहा है तो उसने कहा कि आपका सर ऊंचा कर रहा हूं…..। जैसी हास्य चुटकियां सुनाकर लोगों को खूब हसाया। दिनेश बावरा दूध को दूध कह दू पानी को पानी कह दूं। मेघ की गरजना दरिया की रवानी कह दूं। सूर के पद मीरा की बानी कह दूं। जरा सा साथ दो तो दूनिया की कहानी कह दूं……….। कहकर लोगों को साथ देने का आह्वान किया। राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अजात शत्रु वीर रस की कविता जिन्दाबाद हमारी कविता जिन्दाबाद पेश कर लोगों को करतल ध्वनि में ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मानसी द्विवेदी ने अपने श्रृंगार रस में डूबी मां सरस्वती की वन्दना जय मां तू भारती शारदे मां सरस्वती सर्वदा इस सिर पर तुम्हारा हाथ हो जब भी कभी निर्णय लेना पड़े तो तुम्हारा साथ हो। इसी क्रम में रश्मि शाक्य कवित्री ने अपनी प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसी क्रम में नीर गोरखपुरी ने श्रोताओं को सुनाया कि जो मुझे थकने न देती है कभी, हां उसी नन्ही हंसी पे नाज है…………….। तथा हंसाने के सदा ही तुम तरीके हास लेते है बता कर साग को फिर तुम उठा क्यों घास लेते हो……….। राष्ट्रीय कवि राम किशोर कुमार तिवारी ने अपने कविता में वीर रस को प्रस्तुत किया जिसमें कहा कि मातृभूमि पर निकलने वालों की लम्बी परिपाटी है। रक्त पर सोने वालों की वसुंधरा भी एक थाती है।हास्य कवि पंकज ने कहा खुद में मैं एक सेलीब्रेटी की झलक पाता हूं जब से नुक्कड़ पर चाय का ठेला लगाता हूं………….।इसी क्रम में सुफलता त्रिपाठी, डा0 स्वेदश रश्मि, अन्वेषा श्रीवास्तव, पद्मकान्त शर्मा, शिवकुमार व्यास ने अपने काव्य पाठ से आये हुये श्रोताओं को करतल ध्वनि में ताली बजाने पर बाध्य कर दिया।
इसी क्रम में अयोध्या आयडल में विद्यालयी कार्यक्रम में टी0पी0 कान्वेन्ट विमला देवी स्कूल द्वारा प्रस्तुत समूह नृत्य नगाड़े संग ढोल बाजे तथा सुनो गौर से दुनिया वालों प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात अयोध्या आयडल कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा का आये हुये जनसमूह के सामने मंचन किया।

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