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मानवीय मूल्यों की उपेक्षा कर कोई भी राष्ट्र नहीं कर सकता प्रगति : प्रो. मनोज दीक्षित

अवध विवि आईईटी संस्थान पुरातन छात्रसभा द्वारा आयोजित किया गया प्रथम पुरातन-2019

तकनीकी पुरातन सभा द्वारा इंजीनियर स्व0 शिव प्रसाद दीक्षित की पुण्य स्मृति पर प्रथम पुरातन-2019 का आयोजन

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय आई0ई0टी0 संस्थान के तकनीकी पुरातन सभा द्वारा इंजीनियर स्व0 शिव प्रसाद दीक्षित की पुण्य स्मृति पर प्रथम पुरातन-2019 का आयोजन का स्वामी विवेकानंद सभागार में किया गया । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती आरती दीक्षित एवं कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित रहे।
विश्वविद्यालय के आई0ई0टी0 की स्थापना के 19 वें वर्ष प्रथम पुरातन छात्र सम्मेलन 2019 का आयोजन इं0 स्व0 शिव प्रसाद दीक्षित की पुण्य स्मृति में किया गया। पुरातन सभा को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने कहा कि किसी भी संस्था के लिए यह काफी महत्वपूर्ण है कि यहां से अध्ययन कर चुके छात्र देश और समाज के निर्माण में बहुमूल्य योगदान दे रहे है। प्रो0 दीक्षित ने कहा कि सीखें, संग्रह करे और लौटाएं यही एक ऐसी प्रक्रिया है जो हमें बेहतर बनाती है। कुलपति ने कहा कि बहुत सी तकनीकों का निर्माण होता है और वे शीघ्र ही समाप्त हो जाती है। क्योंकि उसे समाज स्वीकार नहीं करता उसकी प्रासंगिकता बनी नही रह पाती। यह स्पष्ट है कि लोगों की टेक्नोलॉजी होती है। टेक्नोलॉजी के लोग नही होते तकनीकी का सीमित प्रयोग होता है। प्रो0 दीक्षित ने कहा कि यह आवश्यक नही है कि जो तकनीक एक जगह सफल होती है वह दूसरी जगह भी सफल हो सके। भविष्य में हमें यह ध्यान देने की आवश्यकता है कि हमें ऐसी ही तकनीक को अपनाना होगा जो हमारे सांस्कृतिक एवं मानवीय मूल्यों की अनदेखी न कर सके। मानवीय मूल्यों की उपेक्षा कर कोई भी राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता। अमेरिका एवं चीन ने जो तकनीक की प्रगति की है वे देश भी अपने सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को संजो कर ही आगे बढ़े है। कुलपति ने देश के भविष्य की आवश्यकताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी भारतीय समाज एवं सांस्कृतिक मूल्यों के अनुरूप ही होने चाहिये नहीं तो कई प्रकार की सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। सिंटी ऐसी ही होनी चाहिये जो मूल्यों के सापेक्ष हो अपनो को खोकर स्मार्ट बनने की जगह अपने को पाकर स्मार्ट बने। अपने अनुभवों को तकनीकी से जोड़े और आने वाली पीढ़ी से साझा करे। पुरातन छात्र-सभा को संबोधित करते हुए प्रति कुलपति प्रो0 एस0एन0 शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय में आई0ई0टी की स्थापना के 19 वें वर्ष में पहली पुरातन सभा का आयोजन निश्चिय ही गौरव का विषय है। आज विश्वविद्यालय राज्यस्तरीय तकनीकी संस्थानों में स्थान बना चुका है। यह आयोजन एक ऐसी पहल है कि यहां के छात्र देश में अपनी महत्वपूर्ण सेवायें प्रदान कर रहे है राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं अमेरिका, ब्रिटेन सहित कई विकसित देशों में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा सिद्ध किया है। प्रो0 शुक्ल ने कहा कि आप सभी का जुड़ाव नये छात्रों को प्रेरणा देगा। आपका अनुभव इनकी कल्पनाओं को साकार करेगा आप सभी एक ही परिवार के सदस्य है। आपकी सफलता विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। आई0ई0टी0 के निदेशक प्रो0 रमापति मिश्र ने कहा कि अयोध्या आइटियन ने देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। पुरातन छात्र सभा के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि विगत डेढ़ वर्षों में विश्वविद्यालय ने काफी प्रगति की है। अब विश्वविद्यालय का नाम दिल्ली के गलियारों से निकलकर यूरोप के देशों तक आ पहुॅची है। सभा को आई0ई0टी0 पुरातन सभा की अध्यक्षया डॉ0 वन्दिता पाण्डेय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पुरातन छात्र इं0 पुरेन्द्र प्रकाश पुष्कर ने 21 हजार रूपयें की धनराशि पुरातन एशोसियसन को भेंटकर की एवं 2005 की राजश्री शुक्ला ने टिकिंग लैब की स्पांसरसिप प्रदान की। इं0 बलबीर सिंह लन्दन ने भी स्पांसरसिप प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्य नियंता प्रो0 आर0एन0 राय, प्रो0 ए0के0 शुक्ला, प्रो0के0 के0 वर्मा, प्रो0 जसवंत सिंह, डॉ0 विनोद चौधरी, डॉ0 नरेश चौधरी, इं0 प्रदीप वर्मा, इं0 परितोष तिवारी, इं0 परिमल त्रिपाठी, इं0 विनीत सिंह, डॉ0 सुधीर श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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