-डॉ.बनौधा के आरोपों का पीड़ित पक्ष ने दिया जवाब
अयोध्या । इंजेक्शन के कथित ओवरडोज से महिला की मौत के मामले में निर्मला हॉस्पिटल की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वहीं अब सोना हॉस्पिटल को भी परिजनों ने कठघरे में खड़ा किया है। हलकारा का पुरवा निवासी पीड़ित सुशील कौशल की पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेता शरद शुक्ला भी मौजूद रहे। शरद ने बताया कि सोना हॉस्पिटल में बताया गया कि गॉल ब्लेडर से पथरी निकलकर नली में चली गई है। 9 दिसंबर को शाम साढ़े चार बजे के करीब बताया गया कि ऑपरेशन के बाद महिला को सांस लेने में समस्या हो रही हैं।
आरोप है कि मां को होश न आने पर सुशील ने जब डॉक्टरों से पूछा तो उन्हें बताया गया कि एनस्थीसिया की डोज अधिक दिए जाने के कारण ऐसी परेशानी हो जाती है। इसके बाद सरोज को निर्मला हॉस्पिटल में भेज दिया गया। निर्मला हॉस्पिटल में इलाज के दौरान सुधार हुआ और वेंटिलेटर से निकालकर वार्ड में भेजा गया। 15 दिसंबर को रक्त को पतला करने वाली इंजेक्शन का पांच डोज एक साथ दे दिया गया। स्थिति बिगड़ी तो पीड़ित ने सिर्फ गलती स्वीकार करने को कहा था।
इस पर अस्पताल प्रशासन ने लेटर पैड पर लिखकर दिया। घरवाले सरोज को रेफर करा ले जा रहे थे कि रास्ते में ही मुंह से खून आने लगा था। कांफ्रेंस में डॉ. बनौधा के निजी अस्पताल का डेथ सर्टिफिकेट पर सवाल उठाते कहा कि कागज पर यूट्यूबर का लोगो लगा हुआ है, जिसमें बताया गया है कि ओवरडोज से मौत नहीं हुई है। शरद ने कुछ डॉक्टरों से बातचीत के आधार पर तर्क भी रखा।