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प्रकृति स्वयं चिकित्सक है : डॉ सीबीएन त्रिपाठी

-स्वास्थ्य के आध्यात्मिक आयाम जागृति हेतु नौ दिवसीय आरोग्य चेतना शिविर का शुभारंभ

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की प्रेरणा से नौदिवसिय श्रीरामजन्मोत्सव समिति द्वारा सरयू तट पर मानस, कथा, खेलकूद, योग, व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आरोग्य भारती अवध प्रान्त अयोध्या व होम्योपैथी चिकित्सा विकास महासंघ द्वारा नौदिवसीय आरोग्य चेतना शिविर का शुभारंभ गोपाल जी, तीन कलश तिवारी मंदिर के महंत गिरीशपति त्रिपाठी व जिला चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ सीबीएन त्रिपाठी ने स्वास्थ्य के देव धन्वंतरि की प्रतिमा पर दीपार्चन व पुष्पार्चन कर किया।

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महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा दैहिक दैविक भौतिक तापा रामराज्य नहीं काहू व्यापा,चिकित्सा अधीक्षक डॉ सीबीएन त्रिपाठी ने कहा भारतीय स्वस्थ जीवन शैली प्रकृति के अनुरूप है, और प्रकृति स्वयं चिकित्सक है, इसके अनुरूप रहकर व्यक्ति सब प्रकार से स्वस्थ रह सकता है। संयोजक प्रान्त सहमंत्री डॉ उपेन्द्र मणि त्रिपाठी ने बताया शिविर को माता के नौदिवसीय शक्ति स्वरूपों, नौ ग्रहों, के सापेक्ष प्रकृति के अन्न, व औषधियों व श्रीराम की आदर्श जीवन के अनुरूप नियोजित किये जाने का प्रयास है जिससे वर्तमान पीढ़ी अपनी सनातनी व्रत पर्व एवं परंपराओं की उपेक्षा से पहले उनके व्यवहारिक व वैज्ञानिक पक्ष को जानने के प्रति जिज्ञासु बने।

संचालन समिति में अयोध्या सन्गठन सचिव डॉ पंकज श्रीवास्तव, डॉ आनंद उपाध्याय डॉ सुनील गुप्ता, व डॉ राजपाल हैं। प्रथमदिन के संयोजक डॉ राजपाल ने बताया नवरात्र में माता शैलपुत्री के शक्ति स्वरूप व श्री राम के दयालु दृढ़ संकल्प वचन पालन का मानवीय आदर्श की शिक्षा मिलती है, स्वास्थ्य की दृष्टि से उचित आहार कुट्टू का आटा व प्राकृतिक औषधि हरड़ है जो समस्त भय का नाश करने वाली है। इस प्रकार स्वास्थ्य के आध्यात्मिक आयाम को बल प्रदान करने के लिए गोपाल जी की उपस्थिति में मद्यपान निषेध का सामूहिक संकल्प लिया गया।

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डॉ राजपाल ने एक्यूप्रेशर विधि से जठराग्नि, सिरदर्द, कमरदर्द, आदि के बिंदुओं की चिकित्सा की जानकारी दी।इस अवसर पर इं रवि तिवारी, आयुर्वेद नर्सिंग व फार्मेसी की छात्राएं , धर्मेंद्र श्रीवास्तव, ब्रजमोहन तिवारी, इंद्रजीत शुक्ल आदि उपस्थित रहे।

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