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रचनात्मक व कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति आवश्यक : अनुराग त्रिपाठी

एस.एस.वी. इंटर कॉलेज में आयोजित हुआ वार्षिकोत्सव


अयोध्या। अच्छे से मेहनत करोगे तो आगे बढ़ोगे ।अच्छी नौकरी के लिए मेहनत करनी होती है। कोई भी सफलता छोटी नहीं होती और कुछ भी बिना मेहनत के नहीं मिलता। कुछ खोना पड़ता है। ताकत लगानी पड़ती है और प्लानिंग बनानी पड़ती हैस यह बात सी.बी.एस.ई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने कही। वह शनिवार को एस.एस.वी इण्टर कालेज में आयोजित वार्षिक समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए हमेशा परिश्रम करते रहना पड़ेगा। यात्रा कभी समाप्त नहीं होती। जब व्यक्ति परिश्रम करता रहता है जो सफलताओं के आयाम बदलते रहते हैं।

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\जब परिश्रम होता रहता है तो सफलताओं और श्रेणियों अंतर भी होता है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएससी के सचिव त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति देश के सामने एक स्वर्णिम भविष्य लेकर आ रही है। भारत के विद्यालय में दी जा रही शिक्षा ज्ञान देने वाली है लेकिन रचनात्मक और कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ज्ञान प्राप्त करना बहुत जरूरी है। बावजूद इसके एक एक बच्चे को प्रशिक्षण के साथ-साथ उसका बौद्धिक मानसिक और शारीरिक ज्ञान बढ़ाते रहना होगा स उन्होंने कहा कि जो शिक्षा विज्ञान संस्कृत का ज्ञान हमने प्राप्त किया अगर उसका उपयोग हम जीवन में नहीं कर रहे हैं तो वह व्यर्थ हैस सीखे हुए ज्ञान का उपयोग हो न चाहिए उन्होंने कहा कि सामाजिक ज्ञान का उद्देश्य भी मनुष्य के लिए आवश्यक होता है। जो रचनात्मकता को प्राप्त करता है वही सफलताओं की ऊंचाइयों का स्पर्श करता हैस आइंस्टीन न्यूटन जैसे वैज्ञानिकों ने देश को बहुत कुछ दिया है।

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उन्होंने कहा कि तीव्र कार्य करने कि यदि क्षमता किसी भी छात्र में है, समस्या का समाधान करने की क्षमता है, क्रिएटिविटी करने की रचना है, लीडरशिप और विनम्रता के साथ सामाजिकता है तो वह ऊंचाइयों पर अवश्य पहुंचेगा। अन्यथा अध्ययन करने वाला छात्र देश समाज राष्ट्र और परिवार के काम नहीं आएगास छात्र को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी स्किल और क्षमता को आगे बढ़ाएं। महावीर स्वामी और महात्मा बुध का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि देश दुनिया की तमाम समस्याओं का निस्तारण व स्वयं कर सकते थे। उन्होंने एडिशन का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि किस पृष्ठभूमि से हैं इसका फर्क नहीं पड़ता। बल्कि नैतिक और सामाजिक शोध सही रहती है तो सफलता अवश्य मिलती है।

विशिष्ट अतिथि माद्यमिक शिक्षा के लेखाकार वीरेश वर्मा ने कहा कि शिक्षा मानवता की और उदारता की प्रेरणा देती हैस सफल वही होता है जो मेहनत करता हैंस इसके पहले प्रधानाचार्य डॉ. मणि शंकर तिवारी ने आए हुए अतिथियों का स्वागत अतिथि देवो भव के प्रेरणाप्रद वाक्य से किया। संचालन विवेकानन्द पाण्डेय ने किया। अतिथियों के आगमन पर प्रबन्धक पुनीत मेहरोत्रा व प्रधानाचार्य डॉ. मणि शंकर तिवारी ने अतिथियो का स्वागत कियास अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जयसराज वर्मा, पूर्व अध्यक्ष त्रियुग नारायण तिवारी, रमाकांत पाण्डेय व रामनेग गौतम व अन्य प्रधानाचार्य डॉ राम सुरेश मिश्र, डॉ राम कृष्ण मिश्र, डॉ अशोक मिश्रा, डॉ तारा सिंह, बसंत कुमार, रामजी राय) गिरीश चंद वैश्य, रामप्रिया शरण सिंह, केके यादव का माल्यार्पण व बुके भेंटकर, बैज लगाकर स्वागत किया गया। ले उमाकान्त भारती के निर्देशन में एन.सी.सी. छात्रों ने गार्ड आफ आनर दिया तो स्काउट मास्टर कौशल पटेल के निर्देशन में स्काउट ने कलर पार्टी से अतिथियों का स्वागत किया।

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विद्यालय के छात्रों ने दी मनमोहक प्रस्तुति


-समारोह का आरम्भ मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलनन से हुआ। अतिथियों ने विद्यालय के नव निर्मित एम.डी.एम भवन का उद्घाटन कर उसे छात्रों को समर्पित किया। विद्यालय के छात्रों ने सरस्वती बन्दना, स्वागत गीत, वंदेमातरम की प्रस्तुति दी। मर्यादापुरूषोत्तम भगवान श्रीराम व धर्मनगरी अयोध्या पर आधारित अवधी लोकगीत ने सभी को विभोर कर दिया तो शिवतांडवस्रोत से आध्यात्मिक रसधारा प्रभावि त की देशभक्ति व अमन चैन पर आधारित कव्वाली की प्रस्तुति ने समारोह में चार चाँद लगा दिया। वहीं एकाकी व संस्कृत भाषा को मजबूत किए जाने का संदेश देते हुए छात्रों ने संस्कृत प्रेरणा गीत प्रस्तुत किया।

प्रवक्ता डॉ देवेन्द्र कुमार मिश्रा ने विद्यालय के इतिहास पर प्रकाश डाला। हाईस्कूल व इंटर के मेधावियों को रोटरी क्ल ब व नंदलाल मुकुंदी देवी मेहरो मेमोरियल अवार्ड से पुरस्कृत किया गया। पत्रिका सौरभ के विमोचन के बाद स्काउट, खेलकूद, रेडक्रास, वाद-विवाद व क्विज आदि की प्रतिभाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय के प्रबन्धक पुनीत मेहरोत्रा तथा प्रधानाचार्य डॉ. मणि शंकर तिवारी ने विद्यालय की यादों को संजोये रखने के लिये मुख्य अतिथि व समारोह के विशिष्ट अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक पकज पाण्डेय, सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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