-सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से पुलिस को मिली बड़ी सफलता

अयोध्या। जिला पुलिस ने लगभग छह माह के भीतर अयोध्या धाम समेत अलग-अलग स्थान से गुमशुदा कुल 203 मोबाइल बरामद किया है। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत 30 लाख 45 हजार रुपए बताई है। मोबाइलों को इनके मालिक के सिपुर्द किए जाने की कवायद शुरू की है।
अपने कार्यालय में सोमवार को पत्रकारों से मुखातिब अपर पुलिस अधीक्षक नगर चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि गुमशुदा मोबाइलों की तलाश के लिए एसएसपी की ओर से सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी को नोडल अधिकारी बनाया गया था। नोडल अधिकारी के नेतृत्व में साइबर सेल की टीम और सर्विलांस की टीम को जिम्मा दिया गया। संयुक्त टीम ने सर्विलांस की मदद से लगभग 30 लाख 45 हजार रुपए कीमत के कुल 203 स्मार्टफोन बरामद किए हैं।
उन्होंने बताया कि इन गुमशुदा फोन में से 100 लोगों ने केंद्र सरकार की ओर से संचालित ऑनलाइन पोर्टल सीईआईआर पर शिकायत दर्ज कराई थी। वही कई शिकायत पुलिस को व्यक्तिगत रूप में दी गई और कुछ मामलों में फोन की बरामदगी के बाद उसके आईएमइआई नंबर के आधार पर संबंधित फोन के मालिक की पहचान की गई। एसपी सिटी ने बताया कि रामनगरी अयोध्या में रोजाना तमाम देश के विभिन्न प्रांतो समेत आसपास के जनपदों से श्रद्धाल स्नान दान और दर्शन पूजन करने आते हैं।मेला और पर्व में भी भारी भीड़ उमड़ती है।
इस दौरान श्रद्धालु का मोबाइल गिर जाता है अथवा कहीं छूट जाता है। इस अवसर पर कई लोगों को उनका बरामद मोबाइल और टेबलेट हस्तगत करता गया। उन्होंने अपील की कि अगर किसी का मोबाइल खो जाता है तो अनिवार्य रूप से मामले की शिकायत सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज कराएं। इससे उनका मोबाइल भी मिल जाएगा और गुमशुदा मोबाइल से होने वाले साइबर अथवा अन्य अपराध से भी बचत होगी। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक कोतवाली अयोध्या पंकज कुमार सिंह समेत साइबर सेल टीम के सदस्य मौजूद रहे।
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने खाते में वापस कराया साढ़े 56 हजार
अयोध्या। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पीड़ितों के खाते में कुल 56 हजार 500 रूपये की रकम वापस कराई है।
थाने के प्रभारी निरीक्षक मो.अरशद ने बताया कि संबंधित पीड़ितों की ओर से शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज कराई गई थी।
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में 11500 रूपये और गलती से दूसरे के खाते में रकम चले जाने के एक मामले में दस हजार,दुसरे में 20 हजार तथा तीसरे मामले में 15 हजार रूपये की धनराशि वापस कराई गई है।