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सद्भाव व भाईचारे को बनाये रखना गंभीर चुनौती : डॉ. अनूप श्रमिक

आयोजित हुआ सद्भावना संगम

अयोध्या। प्रेस क्लब सभागार में सद्भावना संगम का आयोजन किया गया। जिसको सम्बोधित करते हुए डा. अनूप श्रमिक ने कहा कि सदियों में विकसित भारत की जनता की विविधता में एकता और सामाजिक सद्भाव भाईचारे की भावना को बनाये रखना एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज़ादी के संघर्ष से उपजे हमारे देश की बुनियाद के इन मूल्यों को संविधान में जगह दी गयी है। दुर्भाग्य से जिन विघटनकारी अतिवादी ताकतों ने लगातार कोशिशें कर के अपने स्वार्थ के लिए देश को नुकसान पहुँचाया है उनकी लगातार सक्रियता से नई पीढ़ी में वैचारिक प्रदूषण बड़े पैमाने पर हुआ है।जिसका नतीजा है कि पिछले एक दशक में महिलाओ के साथ हिंसा,भीड़ की हिंसा, देश के अलग अलग हिस्सों में क्षेत्रवाद धार्मिक एवंम जातीय कट्टरपंथ पर आधारित हिंसा बढ़ती गयी। ऐसे दौर में सामाजिकसद्भाव की ताकतों की एकजुटता बहुत जरूरी है ।हमे लगातार सक्रिय रहने की जरूरत है। ये सोचे कि चुनाव आते ही तनाव क्यो होता है।अचानक मन्दिर मुद्दा फिर विकास के मुद्दे पर भारी पड़ गया 5 वे साल में। जब लगा कि इसपे वोट नही मिलेगा तो देश भक्ति और पड़ोसी देश के प्रति नफरत के सहारे वोट बटोरने की तैयारी है। इस मौके पर आहवान किया गया कि आइये मिल के संकल्प ले कि नही होने देंगे देश का माहौल खराब। नही भटकाने और भड़काने देगे उनको जो राजनीति को नफरत फैलाने का जरिया फैलाते हैं।खेती किसानी रोजगार शिक्षा स्वास्थ पर्यावरण सामाजिक सद्भाव मुद्दे हैं बिकास के मुद्दे पर हो राजनीति और चुनाव।ये दबाव मीडिया और राजनैतिक दलों संगठनों पर बनाया जाये आइये जनता के मुद्दे पर जनता की सरकार बनाये जनता के अधिकार वाले विकास की चर्चा कर। लोकतंत्र के सजग प्रहरी बने। जनता के मुद्दों पर जनता की सरकार बनाने के अभियान से जुड़े।
इस मौके पर जुगल किशोर शास्त्री ने कहा कि बाबरी मस्जिद की जगह पर मंदिर बनाने का मुद्दा सिर्फ थोपा गया है।इसका समाधान है कि इसे बाबरी मस्जिद की जगह जितना जगह मंदिर से लेकर उसे राष्ट्रीय पवित्र स्थल घोषित कर देना चाहिये।जिससे कि उस स्थल को सभी धर्म और पंथों के लोग अपना समझ सकें। या न्यायपालिका के निर्णय को मान लिया जाये।

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