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जिला कारागार में विधिक साक्षरता जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन

-जेल में निरूद्ध सभी बन्दियों के सम्बन्ध में प्राप्त की गयी जानकारी

अयोध्या। जनपद न्यायाधीश गौरव कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शनिवार को जिला कारागार का निरीक्षण एवं शिविर का आयोजन अपर जिला जज व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, फैजाबाद शैलेन्द्र सिंह यादव द्वारा किया गया। निरीक्षण के समय वरिष्ठ जेल अधीक्षक उदय प्रताप मिश्र, जितेन्द्र कुमार यादव, अंजू शर्मा व उप कारारापाल विजय शंकर दूबे, अनुराग मिश्रा व विष्णुपाल सिंह, मुख्य दिन हेड, महिला हाता प्रभारी एवं पुरूष हेड वार्डर, महिला हाता प्रभारी महिला बंदी रक्षक, बन्दीगण एवं महिला बन्दीगण आदि उपस्थित पाये गये। निरीक्षण के दौरान अपर जिला जज व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेल में निरूद्ध सभी बन्दियों के सम्बन्ध में विभिन्न बिन्दुओं पर जानकारी प्राप्त की गयी। जिसमें कुल 1121 बन्दी एवं 58 महिला बन्दी एवं 07बच्चे भी महिला बन्दियों के साथ संवासित है। निरीक्षण में साफ-सफाई अच्छी पायी गयी, बन्दियों हेतु सायंकाल हेतु भोजन तैयार किया जा रहा था। निरीक्षण के समय बन्दियों द्वारा बताया गया कि प्रातः कालीन नाश्ते में चना, गुड़, चाय एवं भोजन में रोटी, आलू गरम साग दिया गया।

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इस दौरान अपर जिला जज द्वारा अधीक्षक जिला कारागार को निर्देशित किया गया कि बन्दियों के बौद्धिक विकास हेतु उनको मोटिवेट किया जाय। जिससे सभी बन्दी मानसिक तौर पर विकसित होकर देश विकास के मुख्य धारा में अपना योगदान प्रदान करें। दौरान निरीक्षण जिला कारागार में कोई ऐसा बन्दी नही पाया गया जिसकी उम्र 18 वर्ष से कम हो। निर्देशित किया गया कि ऐसे बन्दी जिनकी न्यायालय द्वारा जमानत हो चुकी है किन्तु जिला कारागार से रिहा नही हो पाये है, उनकी रिहाई के लिए अग्रिम कार्यवाही हेतु प्रार्थना पत्र प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करें। जिससे लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल के माध्यम से, थाने के माध्यम से आर्थिक, सामाजिक एवं सम्पत्तियों की जाँच कर उनको जेल से रिहाई के लिए आवश्यक कार्यवाही किया जा सके।

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इस दौरान शिविर जेल में निरूद्ध किशोर बन्दियों को विधिक जानकारी प्रदान की गयी एवं उनके अधिकारों के बारे अवगत कराया गया, तथा पैरवी के लिए अधिवक्ता है या नही इसकी विशेष जानकारी ली गयी, कि उसके पास अधिवक्ता की सुविधा है या नही, यदि किसी बन्दी के पास अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध नहीं है तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा के माध्यम से स्।क्ब्ै (लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल सिस्टम) मुकदमे की पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता की सुविधा प्रदान की जाती है। जेल में लीगल एड क्लीनिक की स्थापना की गयी है जिससे किसी बन्दी को कोई समस्या हो तो वह जेल में स्थापित लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। बन्दी सरोज, जयनाथ वर्मा, नागेन्द्र वर्मा, अरविंद गौड़, देवीसरन नें सरकारी अधिवक्ता की मांग की, इस संबंध में अधीक्षक जिला कारागार अयोध्या को निर्देशित किया गया इनके प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण फैजाबाद में प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करें जिससे बन्दियों को लीगल एड के माध्यम से उनके मुकदमें की पैरवी हेतु सरकारी अधिवक्ता नामित किया जा सके।

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