बुआई की लागत व समय की बचत करेगी हैपी सीडर : प्रो. जे.एस. संधू

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सीसा परियोजना के तहत हैपी सीडर से गेहूं की बुवाई का हुआ शुभारम्भ

कुमारगंज। नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज के मुख्य परिसर में स्थित मुख्य शैक्षिक प्रक्षेत्र पर सोमवार को इंटरनेशनल सेंटर फॉर मेज एंड व्हीट इम्प्रूवमेंट सेंटर मैक्सिको के इंडिया सेंटर द्वारा संचालित सीरियल सिस्टम इनिसिएटिव फार साउथ एशिया (सीसा) परियोजना के तहत हैपी सीडर से गेहूं की बुवाई का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपस्थित विभिन्न प्रक्षेत्रों के जिम्मेदार अधिकारियों व प्रक्षेत्र कर्मियों को सम्बोधित करते हुए कुलपति प्रो. जे.एस. संधू ने कहा कि यह मशीन प्राकृतिक संसाधनों के संचय करने से लेकर गेहूं की बुवाई की लागत में व समय में काफी बचत होती है।
कुलपति ने हैपी सीडर के सम्बंध में अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी मैक्सिको यात्रा के दौरान पाया था कि एक खेत की बुवाई 32 वर्षों से नही हुई थी परंतु इस खेत पर गेंहू व धान का उत्पादन ज्यादा से ज्यादा प्राप्त किया जा रहा है। कुलपति ने कहा कि इसके उपयोग से खाद,बीज, पानी की बचत के साथ खेत में जीवाश्म का नुकसान नही होता है जिससे उत्पादकता में कमी नही होती है। हैपी सीडर का लाभ कम्बाइन से काटने वाले धान के खेतों में काफी उपयोगी साबित हो रही है।
इस अवसर पर सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कर्नल सी पी सिंह ने कुलपति प्रो संधू द्वारा विश्ववविद्यालय की प्रगति व किसानों के उत्थान में लिए जा रहे फैसलों व प्रयासों की सराहना की। सीमित के वैज्ञानिक डॉ अजय सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि वे विश्वविद्यालय के सहयोग में पूरी तरह ततपर है। मुख्य शैक्षिक प्रक्षेत्र पर किसानों के अवलोकन के लिए हैपी सीडर, जीरो टिलेज,सीड ड्रिल तथा परम्परागत गेहूं बुवाई का मॉडल लगाया जा रहा है जिसे आगामी 7व 8 दिसम्बर को लगने वाले किसान मेले में शिरकत करने वाले किसानों को अवलोकन कराया जाएगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठातागन डॉ पी के सिंह, डॉ. विक्रमा प्रसाद पांडेय, डॉ. सुमन प्रसाद मौर्य, डॉ. शकीला खान, डॉ आरके जोशी समेत प्रछेत्र प्रभारी डॉ सीताराम मिश्र व अन्य वैज्ञानिक ,शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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