The news is by your side.

गुरु-शिष्य के मिलन का पर्व है गुरू पूर्णिमा : नन्दकिशोर श्रीमाली

-’गुरू तत्व श्रीराम’ गुरू पूर्णिमा महोत्सव के पहले नया घाट से कारसेवकपुरम तक निकाली गयी भव्य शोभा यात्रा

अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की पावन पुण्य नगरी अयोध्या के कारसेवकपुरम में अन्तर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम परिवार उत्तर प्रदेश एवं निखिल मंत्र विज्ञान के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय ’गुरू तत्व श्रीराम’ गुरू पूर्णिमा महोत्सव के पहले दिन गुरूदेव नन्दकिशोर श्रीमाली ने देश-विदेश से आये हज़ारों भक्तों को अपने अमृतमय प्रवचन से भाव विभोर कर दिया।

Advertisements

उन्होंने ने निखिल शिष्यों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरू और शिष्य का सम्बन्ध युगों युगों से चला आ रहा है। गुरू की शोभा शिष्य से और शिष्य की शोभा गुरू से होती है। गुरू और शिष्य के संबंधों के बीच में कोई दीवार नहीं होती है। गुरू अपने शिष्यों को सन्मार्ग की ओर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को अन्तर्मन में झांकने की प्रेरणा दिया। प्रभु श्रीराम ने हनुमानजी को शिष्यत्व की शक्ति प्रदान किया। इसलिए इन दोनों शिष्यों ने अपने प्रभु की आज्ञा का पालन करते हुए अपनी शक्ति और बुद्धि से जीवन की समस्त बाधाओं का स्वयं शमन किया।

उन्होंने आगे कहा कि गुरू अपने शिष्यों को भय के बन्धनों से मुक्त कर देता है। ऐसे में गुरू के मार्गदर्शन में जब कोई शिष्य भय रहित होकर अपने कर्तव्यों का पालन करता है तब उसे सफ़लता अवश्य मिलती है। इसलिए गुरू पूर्णिमा का पावन पर्व गुरु-शिष्य के मिलन का पर्व है। दिल्ली से आये अन्तर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार के मुख्य कार्यकारी सदस्य मनोज भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरू चेतना का पुंज होता है। वह अपने हर साधक और शिष्य की सुधि लेता है। इस अवसर पर विदुषी चन्द्रकला शास्त्री ने भी प्रभु श्रीराम के पावन भक्ति भजनों को सुनाकर हज़ारों भक्तों को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया।

इसे भी पढ़े  जगत का कल्याण हो यज्ञ का यही है उद्देश्य : महंत परशुराम दास

अन्तर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार के जोधपुर से आये महेन्द्र सिंह मानकर ने भी अपने भजनों से भक्तों को आह्लादित किया। देर शाम को माँ सरयू के पावन तट नया घाट से कारसेवकपुरम तक भव्य शोभा यात्रा निकाली गयी। जिसमें उड़ीसा से आये दर्जनों कलाकारों ने अपने पारंपारिक वेषभूषा में विविध साँस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिया।

इस अवसर पर हज़ारों भक्तों के अलावा आयोजक मण्डल के संरक्षक शिवदास सिंह, संयोजक फौजदार सिंह, प्रोफेसर सानन्द सिंह, दिग्विजय नाथ उपाध्याय, संजय सिंह, दिवाकर सिंह एडवोकेट, राममिलन सिंह, अच्छेलाल, प्रिन्सिपल दिवाकर सिंह, नरेन्द्र राय, डॉ प्रमोद मिश्रा, मनोज मिश्रा, सुजीत तिवारी, सिद्धेश्वर शर्मा, रिंकू सिंह, दिनेश मिश्रा, श्रीमती मीरा मिश्रा सहित अनेकों प्रमुख लोग उपस्थित थे।

Advertisements

Comments are closed.