किसानों का फूटा गुस्सा, स्कूल में कैद किये छुट्टा मवेशी

धक्का मुक्की से चोटहिल हुआ छात्र, एसडीएम ने शांत कराया आक्रोश

रूदौली। लहलहाती फसलों की छुट्टा जानवरो द्वारा बर्बादी अपनी आंखों के सामने होता देख किसानो का धैर्य जवाब दे गया । नतीजा यह हुआ की गुरुवार को आक्रोशित गांव के दर्जनों किसानों ने फसल चर रहे सैकड़ों छुट्टा मवेशियों की घेराबन्दी कर उन्हें गांव के प्राथमिक स्कूल में कैद कर दिया।जिससे शिक्षकों को स्कूल के बाहर मैदान में बच्चों जमीन पर बैठाकर पढ़ाना पड़ा।इस दौरान स्कूल का एक छात्र धक्कामुक्की में चोटिल भी हो गया।मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे रुदौली एसडीएम टीपी वर्मा,तहसीलदार शिवप्रसाद,मवई के थाना प्रभारी विनोद कुमार व् बाबा बाजार चौकी प्रभारी राजेश गुप्ता ने किसानों को समझा-बुझा कर शांत कराया।
गांव के अखिलेश तिवारी,त्रिभुवन,राम प्रकाश व् ग्राम प्रधान सिकन्दर अली ने सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि छुट्टा जानवर किसानों की फसलों को रात दिन चर रहें हैं।किसान खेतों में हर समय इन मवेशियों को भगाने के फसलों की रखवाली के लिए रखवाली करने को मजबूर हैं।पर सरकार किसानों के हितों के प्रति संजीदा नही दिख रही है।उनका कहना है कि फसलों की रखवाली के दौरान कई बार किसानों को इन छुट्टा मवेशियों के हमले का शिकार भी होना पड़ जाता है।
किसानों ने बताया कि गुरुवार की सुबह खेतों में सैकड़ों की संख्या में मवेशी फसलों को चर रहे थे।यह देख किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और इस दौरान सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित होकर सभी मवेशियों को खदेड़ कर गांव के प्राथमिक स्कूल में बन्द कर दिया।शिक्षक व् बच्चे जब सुबह स्कूल आये तो स्कूल का नजारा देख शिक्षकों ने बच्चों को बाहर जमीन पर बैठाकर पढ़ाना शुरू कर दिया।इसी बीच स्कूल के कक्षा 4 का छात्र प्रदीप पुत्र सन्तराम मवेशियों के भगदड़ में चोटिल हो गया।जिसका इलाज चल रहा हैं ।मवेशियों की भगदड़ से अध्ययन रत छात्र छात्राये में भय व्याप्त हो गया ।सूचना पर पहुचे उपजिलाधिकारी टी पी वर्मा व तहसीलदार शिव प्रसाद ने ग्रामीणों को किसी तरह समझा बुझाकर कर शांत कराया ।उपजिलाधिकारी ने बताया कि छुट्टा जानवरो को बघेडी की गौशाला में रखवाया जा रहा है।

इसे भी पढ़े  संविदा डाक्टरों के हवाले जिला अस्पताल की इमरजेंसी

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More