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चार पहिया वाहनों की धोखाधड़ी करने वाला जलासाज गिरफ्तार

-32 वाहनों को पुलिस ने किया बरामद

बाराबंकी। जनपद की कोतवाली नगर पुलिस और स्वॉट टीम प्रभारी ने धोखाधड़ी करके चार पहिया वाहनों को बेचने वाले एक शातिर जालसाज को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से 32 चार पहिया वाहन बरामद किये हैं। कोतवाली प्रभारी ने धारा 419, 420, 467, 468, 471, 406, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज करके जालसाज को जेल भेज दिया।

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पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने इस गुडवर्क से खुश होकर पुलिस टीम की सराहना की है। जानकारी के अनुसार थाना टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम हसौर निवासी पवन कुमार मौर्या पुत्र रामस्वरुप मौर्या ने कोतवाली नगर में आकर यह शिकायती पत्र दिया था कि राजधानी लखनऊ के आरआर कार बाजार एण्ड ट्रेवलस के मालिक रजी उल्ला खान पुत्र बरकत उल्ला खान ने जनवरी 2021 माह में मेरी होण्डा कार डब्लूआरबी नं-यूपी 32केयू 1148 को प्रतिमाह 2 हजार रुपये किराया देने के नाम पर इकरार नामा किया था। जब चार महीने तक मुझे कार का किराया देते रहे लेकिन उसके बाद उन्होने कार का किराया देना बंद कर दिया।

पीड़ित ने यह भी बताया कि जब मुझे जानकारी हुई कि मेरी कार को कूटरचित दस्तावेज तैयार करके धोखाधड़ी और जालसाजी करके इसको किसी दूसरे के हाथ बेच दिया है। गाड़ी वापस मांगने पर बाजार मालिक मुझे जान से मारने की धमकी दे रहा है। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर कोतवाली नगर प्रभारी पंकज कुमार सिंह ने पवन मौर्या की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया और कार बाजार मालिक रजी उल्ला खान की तलाश शुरु कर दी। बीती रात सर्विलांस टीम प्रभारी और कोतवाली नगर प्रभारी ने बस स्टॉप बाराबंकी के पास से कार बाजार मालिक रजी उल्ला खान को धर दबोचा। शनिवार की दोपहर को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने जानकारी दी कि आर आर कार बाजार टूर एण्ड ट्रेवलस के नाम से हजरतगंज चैराहे के पास रजी उल्ला खान से अपना ऑफिस खोल रखा है वह अपने ऑफिस के सहारे कार मालिकों से गाड़ियों को ट्रेवलस में लगाने व प्रतिमाह अच्छा किराया देने का लालच देकर गाड़ी ले जाता था और फर्जी बेचीनामा तैयार करके गाड़ियों की बिक्री होने तक गाड़ियो की कीमत के हिसाब से दस हजार से 50 हजार रुपये तक प्रतिमाह देने की बात कहता था।

पुलिस अधीक्षक ने यह भी जानकारी दी कि दो तीन माह तक तो बाजार मालिक कार मालिकों को पैसा देता था लेकिन उसके बाद पैसा देने में आनाकानी करता था। यहां तक की वह कार मालिकों का मोबाइल फोन भी नही उठाता था। उन्होने आगे बताया कि तय दाम से ग्राहक से लगभग 80 फीसदी रुपये रजी उल्ला द्वारा ले लिया जाता था और 20 फीसदी रुपये यह कहकर नही देता था कि गाड़ियों का ट्रांसफर होने पर बाकी का पैसा लग जायेगा। इसके बाद वह मनमाने ढंग से गाड़ियों के कागजात में हेराफेरी करके जालसाजी से कागज तैयार करके उसको नये ग्राहकों को बेच देता था।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अब कार बाजार मालिक रजी उल्ला द्वारा सैकड़ो गाड़ियों की हेराफेरी की जा चुकी है। पुलिस अधीक्षक ने प्रभारी निरीक्षक पंकज सिंह व स्वॉट टीम प्रभारी अक्षय कुमार व उनके सहयोगियों की प्रशंसा भी की।

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