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ध्वज पताक तोरन पुर छावा, कहि न जाइ जेहि भांति बनावा…

– अयोध्या में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला जारी


अयोध्या। श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भी योगी सरकार द्वारा अयोध्या में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला जारी है। तुलसी उद्यान मंच पर शनिवार को समय प्रात दस बजे से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। जिंगल बेल स्कूल के बच्चों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसमें नन्हे मुन्ने बच्चों ने ’सीताराम जी की प्यारी रजधानी लागे…’ गायन एवं नृत्य एवं छत्तीसगढ़ की लोक जनजातीय पारंपरिक नृत्यों द्वारा सभी को मोहित कर दिया।

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इस दौरान बच्चों में काफी उत्साह और आनंद देखने को मिला। इसके बाद लखनऊ के सृष्टि द्वारा पारंपरिक लोकगीत विवाह गीत आज तिलक चढ़े रघुनंदन के… आज जनकपुर में मड़वा बड़ा सुहावन लागे.. सिया जी बनी दुल्हन दूल्हा बने राम.. स्वागत में गारी सुनाओ मेरी सखियां स्वागत में गारी… की प्रस्तति ने सबको हर्षित कर दिया।

इसके बाद पंजाब के मनप्रीत सिंह का पंजाबी भांगड़ा नृत्य रहा, जिसे खुशहाली के अवसर पर किया जाता है। असम की मधुस्मिता तमंग ’धी नाम आई नाम’ गायन की प्रस्तुति बहुत शानदार रही। इसके बाद राजस्थान के गौतम परमार की चरी घूमर नृत्य को लोगों से काफी सराहना मिली। इसी प्रकार नई दिल्ली की स्वाति डांस एवं दल फाउंडेशन की नृत्य नाटिका ने लोगों का मन मोहा।

इसके बाद महाराष्ट्र के आनंद देशमुख लोकगायन ’राम रस पियेतुलसी, राम नाम की लत लगे… एवं कैलाश नारायण द्वारा राजस्थानी चकरी नृत्य की प्रस्तुति हुई। इस नृत्य को राजा महाराजा जब युद्ध जीतकर आते थे, तब खुशहाली के अवसर पर आयोजित किया जाता था। इसमें अस्सी कली का लहंगा को पहन एक मिनट में कई बार घूमकर नृत्य करते हैं। सायं ममता जोशी चंडीगढ़ द्वारा सूफी भजन का आयोजन संस्कृति विभाग द्वारा हुआ।

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