पूर्वांचल में किसानों, गरीबों के मसीहा थे सेनानी कामरेड राजबली यादव: आनन्दसेन यादव

    समाजवादी पार्टी कार्यालय पर का. राजबली यादव की पुण्य तिथि पर हुई गोष्ठी

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    फैजाबाद। सामाजिक न्याय के पुरोधा स्वतत्रंता संग्राम सेनानी एवं पूर्व विधायक कामरेड स्व0 राजबली यादव की 19वीं पुण्यतिथि के मौके पर समाजवादी पार्टी कार्यालय लोहिया भवन में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धाजंलि अर्पित की। इस मौके पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ जिसकी अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष गंगासिंह यादव व संचालन जिला महासचिव बख्तियार खान ने किया। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष श्री यादव ने कहा कि 09 अगस्त को देश के रणबाकुंरों में अंग्रेजों भारत छोड़ों का नारा दिया था और उसी ऐतिहासिक तारीख 09 अगस्त को स्वतंत्रता सपूत राजबली यादव ने महाप्रयाण करके अपनी ढेर सारी यादें, कृतियाॅं एवं कृतत्व हमें प्रेरित करने के लिये छोड़ गये। आज का दिन क्रान्ति दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज के ही दिन 1942 में अंग्रेजों भारत छोड़ो आन्दोलन की शुरूआत हुई थी। उन्होंने कहा कि क्रान्ति दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी भाजपा गद्दी छोड़ो का ऐलान करती है। उन्होंने कहा कि कामरेड स्व0 राजबली यादव हमेशा जुल्म ज्यादती के खिलाफ सड़कों पर लड़ाई लड़ी और उन्हें न्याय दिलाया। इस मौके पर मौजूद पूर्व राज्यमंत्री तेजनारायण पाण्डेय पवन ने कहा कि आजादी के पहले व आजादी के बाद स्व0 राजबली का अहम रोल था। वे हमेशा संघर्ष करते थे। आज भाजपा के शासन में महिलायें व बच्चियाँ सुरक्षित नहीं हैं। देश को आजादी दिलाने वालों के सपनों को भाजपा के लोग चकनाचूर कर रहे हैं। कामरेड स्व0 राजबली यादव के चित्र पर पुष्पाजंलि अर्पित करते हुए पूर्व मंत्री आनन्दसेन यादव ने कहा कि स्व0 राजबली पूर्वांचल में किसानों, गरीबों के मसीहा के रूप में संघर्ष के प्रतीक बने गये। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी से 1967 में मया विधान सभा से सदस्य निर्वाचित हुए और अपने द्वारा लिखित नाटक धरती हमारी है के माध्यम से कमजोर तबके के लोगों को जागरूक किया करते थे। श्री यादव अपनी बात कहते-कहते भावुक हो गये। उन्होंने कहा कि जो इतिहास भूल जाते हैं उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। इसलिए आज हमें यह संकल्प लेना होगा कि स्व0 राजबली यादव व स्व0 मित्रसेन यादव के द्वारा किये गये संघर्षों को याद करते हुए उनके रास्ते पर चलकर गरीबों के हक व हकूक की लड़ाई को बड़ी मजबूती के साथ लड़ना होगा। इस मौके पर स्व0 राजबली यादव के पुराने साथी कामरेड रामपाल यादव ने कहा कि स्व0 राजबली के संघर्षों को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। संघर्षों से ही उनकी पहचान थी। वे हमेशा गरीबों की लड़ाई को लड़ते थे और उनकी बातों को बड़ी गम्भीरता से सुनते थे। इस मौके पर सपा के पूर्व प्रदेश सचिव मो0 हलीम पप्पू व जिला पंचायत सदस्य शम्भूनाथ सिंह दीपू ने संयुक्त रूप से कहा कि कामरेड स्व0 राजबली यादव द्वारा लिखित नाटक धरती हमारी है के फिल्म का रूप लेने की कैफी आजमी की तमन्ना तो पूर्ण नहीं हो सकी लेकिन देश के प्रसिद्ध महानगरों मुम्बई, कोलकाता, दिल्ली जैसे बड़े व छोटे मिलाकर 800 से अधिक शहरों में मंचित किया गया। सपा प्रवक्ता ओम प्रकाश ओमी ने बताया कि स्व0 राजबली का जन्म 07 नवम्बर 1908 में अम्बेडकर नगर जिले के तहसील जलालपुर के गाव अरई में हुआ था। उन्होंने स्कूली शिक्षा उर्दू से हासिल की थी। इस मौके पर सपा जिला उपाध्यक्ष बाबूराम गौड़, छोटेलाल यादव, शैलेन्द्र यादव, सरफराज नसरूल्लाह, ओपी पासवान, त्रिभुवन प्रजापति, मिर्जा सादिक हुसैन, श्यामकृष्ण श्रीवास्तव, हामिद जाफर मीसम, अनिल यादव बब्लू, विजय बहादुर वर्मा, मो0 अली, कृष्ण कुमार पटेल, जय प्रकाश यादव, अरशद आलम मोनू, इशहाक खान आदि ने अपने-अपने विचार रखे और श्रद्धाजंलि अर्पित की। इस मौके पर संजय यादव, देशराज यादव, नन्हकन यादव, इश्तियाक खान, मो0 रिजवान, पं0 समरजीत, मो0 सारिक, रक्षाराम यादव, शमशेर यादव, मो0 आसिफ चाॅंद आदि मौजूद थे।