-विश्राम गृह, कुण्ड व स्तम्भ निर्माण से तीर्थयात्रियों को मिलेगा आराम, इण्टरप्रिटेशन वॉल, शिलालेख व डारेक्शनल साइनेज की होगी स्थापना

अयोध्या। निर्माणाधीन चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग पर व्यापक विकास हो रहा है। इससे तीर्थयात्रियों को काफी सुगमता होगी। योगी सरकार रामनगरी को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में पर्यटन और तीर्थाटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग का विकास एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह परिक्रमा मार्ग अयोध्या की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है जो लगभग 40-45 किलोमीटर लंबा है। यह सरयू नदी के आसपास फैला हुआ है। यहां श्रद्धालु भगवान श्रीराम की नगरी की परिक्रमा करते हैं। कार्तिक में परिक्रमा का विशेष महत्व होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मार्ग को आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है, ताकि लाखों रामभक्तों को सुगम, सुरक्षित और आकर्षक अनुभव मिल सके।
2124.53 लाख रुपये से होंगे ये विकास कार्य
यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड अयोध्या के परियोजना प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि परियोजना की कुल लागत 2124.53 लाख रुपये है। इस राशि से मार्ग पर विभिन्न विकास कार्य किए जा रहे हैं। इनमें विश्राम गृह, स्तम्भ, कुण्डों का निर्माण, इण्टरप्रिटेशन वॉल, शिलालेख, डारेक्शनल साइनेज, पाथवे, स्टोन बेंच, डस्टबिन, लाइटिंग, प्रवेश द्वार, बाउंड्रीवॉल और छतरी का निर्माण शामिल है। ये सुविधाएं तीर्थयात्रियों को विश्राम, दिशा-निर्देश, स्वच्छता और सौंदर्य का पूर्ण आनंद प्रदान करेंगी।
कुंडों का कार्य विशेष रूप से प्रस्तावित
विशेष रूप से मार्ग पर स्थित महत्वपूर्ण कुण्डों और स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। लक्ष्मी सागर कुण्ड, वैतर्णी कुण्ड, निर्मली कुण्ड, गिरिजा कुण्ड और विभीषण कुण्ड जैसे पवित्र स्थलों पर विशेष कार्य प्रस्तावित हैं। इन कुण्डों का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। साथ ही विघ्नेश्वर नाथ शिवमंदिर का भी विकास कार्य चल रहा है, जो मार्ग की धार्मिक महत्ता को और बढ़ाएगा।
कई गुना बढ़ जाएगा मार्ग का सौंदर्य
इण्टरप्रिटेशन वॉल और शिलालेखों से रामायण की कथाओं और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी मिलेगी, जबकि डारेक्शनल साइनेज से यात्री आसानी से मार्ग का अनुसरण कर सकेंगे। पाथवे, स्टोन बेंच और लाइटिंग से रात्रि में भी सुरक्षित परिक्रमा संभव होगी। प्रवेश द्वार, बाउंड्रीवॉल और छतरी निर्माण से मार्ग का सौंदर्य कई गुना बढ़ जाएगा।
श्रद्धालु करेंगे आस्था व आधुनिकता के संगम का अनुभव
चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग का यह विकास कार्य राम भक्तों के लिए बड़ा उपहार साबित होगा। जल्द ही यह मार्ग जगमगाती लाइटों, सुंदर कुण्डों और आधुनिक सुविधाओं से सजा नजर आएगा, जिससे पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि होगी। लाखों श्रद्धालु यहां आकर आस्था और आधुनिकता के संगम का अनुभव करेंगे।
स्थानीय अर्थव्यवस्था भी होगी मजबूत
जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुण्डे ने बताया कि यह परियोजना न केवल धार्मिक महत्व रखती है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी। होटल, परिवहन, गाइड और अन्य सेवाओं से जुड़े व्यवसाय फलेंगे-फूलेंगे। सरकार की यह पहल अयोध्या को नई पहचान दे रही है, जहां प्राचीन आस्था और आधुनिक विकास का सुंदर मेल देखने को मिलेगा।