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एग्जामिनेशन फोबिया से बच्चों को बचाने में माता-पिता बने सहयोगी : डॉ. उपेन्द्र मणि

होम्योपैथी महासंघ : स्वास्थ्य संवाद एवं जांच शिविर

शिविर में 200 से अधिक मरीजो की स्वास्थ्य जांच

अयोध्या। होम्योपैथी चिकित्सा विकास महासंघ के तत्वाधान में परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए स्वास्थ्य संवाद एवं घोसियाना में जांच शिविर का आयोजन किया गया।उपस्थित कक्षा 6 से 11 के छात्र छात्राओं को जानकारी देते हुए होम्योपैथी चिकित्सक डॉ उपेन्द्र मणि त्रिपाठी ने कहा प्रसन्न मन और स्वस्थ तन हो तभी हम जीवन के लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल कर पाएंगे। परीक्षाओं के समय माता पिता की अपेक्षाओं के अनुरूप अपने श्रेष्ठतम प्रदर्शन, कोर्स को पूरा करने के दबाव के चलते छात्रों में अनावश्यक तनाव , अनिद्रा, भूख, प्यास , यादाश्त में कमी, पाचन तंत्र की गड़बड़ी आदि लक्षण देखने को मिलता है। इसे एग्जामिनेशन फोबिया कहते हैं। इससे बचने के तरीके के सवाल के जवाब में डॉ त्रिपाठी ने बताया छात्रों को इस भय व तनाव से बचने में माता पिता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। उनका हौसला बढ़ाएं, प्रशंसा करे, कुछ समय विषय पर वार्ता करें, प्रश्नों के अर्थ समझने,उत्तर लिखने के तरीके बताएं, इससे उनका आत्म विश्वास बढ़ेगा। डॉ त्रिपाठी ने कहा हो सके तो पूरे विषय की संक्षिप्त रूपरेखा रेखाचित्र या व्यवहारिक उदाहरणों के साथ प्रस्तुत करवाने का प्रयोग करना चाहिए।
समय समय पर जलपान, पेय, भोजन, व पूरी नींद आवश्यक है, लगातार पढ़ाई के बीच कुछ समय का अंतराल अवश्य लेना चाहिए। बचने के लिए कोई औषधीय उपाय पूछे जाने पर डॉ उपेन्द्र ने बताया कि परिवार का सहयोगी वातावरण, आपका आत्मविश्वास और विषय की समझ ही इस भय का निवारण कर देती है, फिर भी जिन्हें कुछ नर्वसनेस महसूस होती है उनका भय होम्योपैथी की मीठी गोलियां दूर करने में सक्षम है।एथ्यूजा, और जेल्सीमियम परीक्षा के दिन प्रातः ले सकते हैं।घोसियाना में स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर में डॉ आर वी त्रिपाठी ने 200 से अधिक रोगियों की निशुल्क जांच कर दवाएं दीं। इस क्षेत्र में त्वचारोग, जोड़ों के दर्द व मासिक धर्म से सम्बंधित मरीज अधिक आये।दवा वितरण में होम्योमेडिसिन सेंटर के मोहम्मद शोएब, व सुभाष शुक्ल ने सहयोग किया।

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