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डिजिटल साक्षरता सभी के लिए आवश्यक : डॉ. विकास भाटी

-डिजिटल मानवाधिकार के मुद्दों और चुनौतियां के संदर्भ में हुआ परामर्श कार्यक्रम

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के जनसंचार और पत्रकारिता विभाग एवं विधि विभाग के संयुक्त संयोजन में उत्तर प्रदेश मानवाधिकार प्रोजेक्ट एवं डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय लखनऊ द्वारा डिजिटल मानवाधिकार के मुद्दों और चुनौतियां के संदर्भ में एक दिवसीय परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय लखनऊ के प्रोजेक्ट निदेशक डॉ. विकास भाटी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ0 अमनदीप सिंह प्रोजेक्ट ऑफिसर व अवध विश्वविद्यालय के विधि संकायाध्यक्ष प्रो. अशोक राय उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. भाटी ने कहा कि हम सभी सूचना युग के साक्षी हैं।

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सामाजिक विकास संबद्धता के लिए सभी को विधिक जानकारी का होना आवश्यक है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज प्रत्येक क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रचार कर रहा है और मानव संसाधन का विकल्प बन रहा है। इस डिजिटल युग में आज तकनीक समाज में विभेद पैदा कर रहा है, इसके लिए डिजिटल साक्षर होना आवश्यक है। इंटरनेट का उपयोग प्रत्येक क्षेत्र में बढ़ रहा है। डिजिटल युग में मानव अधिकारों के लिए क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहा है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. अमनदीप सिंह ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने देश में 2015 में डिजिटल इंडिया की शुरुआत की। भारत के प्रत्येक व्यक्ति के लिए डिजिटल साक्षरता आवश्यक है।

मानवाधिकारों के उल्लंघन के मामले पर नियंत्रण पाया जा सकता है। डिजिटल साक्षरता को मानवाधिकार से अलग नहीं किया जा सकता। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधि संकायाध्यक्ष प्रोफेसर एके राय ने कहा कि मानवाधिकार के प्रति जागरूकता सभी जनमानस के लिए आवश्यक है। चौथी पीढ़ी में डिजिटल मानवाधिकार आ गया है जो विधि और पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक है।

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मानवाधिकार के बिना मानव जीवन संभव नहीं है। प्रो0 राय ने बताया कि भारतीय संविधान में अनुच्छेद 123 सभी अधिकारों का एक समूह है। कार्यक्रम का संचालन एवं अतिथियों का स्वागत एमसीजे समन्वयक डॉ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी द्वारा किया गया। अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभागी छात्र-छात्राओं व वॉलिंटियर को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ0 राज नारायण पांडे, डॉ0 अनिल कुमार विश्वा, डॉ वंदना गुप्ता, शोध छात्र ऋषि शुक्ला सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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