-अखिल भारतीय प्रधान संगठन की बैठक में पंचायत चुनाव की वर्तमान परिस्थितियों पर हुआ विचार विमर्श
अयोध्या। अखिल भारतीय प्रधान संगठन जिला कार्यकारिणी की एक बैठक शहर के सिविल लाइन स्थित एक होटल में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से आगामी पंचायत चुनाव की वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक को संगठन के जिला पदाधिकारियों एवं विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्षों ने संबोधित करते हुए अपने-अपने विचार रखे। इस अवसर पर संगठन के जिला अध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह ने कहा कि आपसी राय-विमर्श के बाद यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि समय से पंचायत चुनाव कराना सरकार एवं चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, क्योंकि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल आधार है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी कारणवश समय पर चुनाव नहीं हो पाते हैं, तो सरकार को प्रधानों का कार्यकाल कम से कम एक वर्ष के लिए बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कार्यकाल बढ़ाने में कोई संवैधानिक बाधा आती है, तो वर्तमान प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त किया जाए। जिला अध्यक्ष ने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कठिन समय में प्रधानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर जनता एवं सरकार का सहयोग किया था। बावजूद इसके, विकास कार्यों में अपेक्षित गति नहीं मिल सकी। ऐसे में प्रधानों को ही प्रशासक बनाए जाने से विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य प्रभावित नहीं होंगे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जनपद के प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर बैठक कर इस संबंध में खंड विकास अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके उपरांत जनपद स्तर पर सभी प्रधान एकत्र होकर जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार एवं चुनाव आयोग को ज्ञापन प्रेषित करेंगे।
बैठक में प्रमुख रूप से अनुराग सिंह, मोहम्मद नईम, इंद्रसेन यादव, सुभाष शुक्ला, ओम प्रकाश यादव, रक्षाराम यादव, मोहम्मद जुनेद अंसारी, अनूप कुमार वर्मा, अमरनाथ यादव, चंद्रजीत सिंह, योगेंद्र सिंह, चंद्रभूषण सिंह, दुर्गा प्रसाद निषाद, विष्णु कुमार निषाद, सूर्यनारायण गुप्ता, रामबली राम, अभिलाष यादव, राजकुमार यादव, श्रीनाथ यादव, काशी रामपाल, मुकेश कनौजिया, सूर्य प्रकाश कनौजिया, सुनील शंकर यादव, आनंद चौधरी, लक्ष्मण यादव, जयप्रकाश भारती, लालजी वर्मा, रामचंद्र यादव, देवनाथ यादव, बदरुद्दीन, रवि प्रकाश वर्मा, राजकुमार राम, चंद्र भास्कर यादव, जय सिंह यादव, रामवती यादव, सुजीत कुमार, रामकरण, सुनील यादव, संत शरण पाल, विजय सिंह, पुष्पलता, रामनाथ, सर्वेश मोरिया, राघवेंद्र पांडे, उदल यादव, गया प्रसाद, अजय कुमार यादव, भवन विकास वर्मा, तुलसीराम, मोहम्मद खलील, रंजन, आरती, सावित्री देवी, पतिराम, सुषमा यादव, धर्मेंद्र कुमार यादव, राकेश कुमार, जीत बहादुर, अरविंद गुप्ता, राजेंद्र कुमार गुप्ता सहित सैकड़ों पदाधिकारी एवं प्रधान उपस्थित रहे।