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चैत्र रामनवमी पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब

-रामजन्मभूमि, कनक भवन, हनुमानगढ़ी व नागेश्वरनाथ मन्दिर में भक्तों का लगा रहा तांता


अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में गुरूवार को चैत्र राम नवमी के अवसर पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा, लाखों श्रद्धालुओं ने ब्रह्ममूहुर्त में पावन सलिला सरयू में आस्था की डुबकी लगाई।और सरयू तट पर स्थित नागेश्वर नाथ मंदिर में सुबह से लम्बी कतारों में लगकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि परिसर में विराजमान राम लला का दर्शन पूजन किया।

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कनक भवन समेत अन्य मंदिरों में जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया, रामलला के दरबार को फूलों से सजाया गया है। जन्मोत्सव पर रामलला रत्नजड़ित पीले वस्त्र में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। राम सहित चारों भाइयों को सोने का मुकुट पहनाया गया। वहीं रामनवमी पर स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। इस बार राम नवमी ऐतिहासिक राम नवमी है।

अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुबन सिंह ने बताया, भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे अयोध्या शहर में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया। रामनवमी मेले के इस बड़े धार्मिक आयोजन के लिए कोई खतरा नहीं है, लेकिन हमने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव व्यवस्था की है। माना जाता है कि दोपहर के समय जब भगवान राम का जन्म हुआ था अयोध्या के सभी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई थी।

राम नवमी पर लोगों ने भगवान राम को समर्पित भक्ति गीत गाए और उनके जन्म का जश्न मनाने के लिए प्रतीकात्मक रूप से राम लला की प्रतिकृतियों को पालने में झुलाया। कई मंदिरों से राम, उनकी पत्नी सीता, भाई लक्ष्मण और भक्त हनुमान की रथ यात्रा (रथ जुलूस) निकाली गई। लाखों की संख्या में लोग पवित्र नदी सरयू के तट पर एकत्रित हुए और पवित्र स्नान किया तथा कुछ अन्य लोगों ने उपवास रखा।

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इस बीच, रामनवमी के अवसर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम जन्मभूमि परिसर में ताजे फूलों से सुंदर सजावट की थी। मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई और रामलला ने हरे रंग के वस्त्र धारण किए।

 

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