राम मन्दिर निर्माण भारत को विश्व में जगतगुरू बनने का मार्ग करेगा प्रशस्त : मंडेर

अयोध्या। अयोध्या में राम मन्दिर के निर्माण से ही भारत के विश्व गुरू बनने का मार्ग प्रशस्त होगा, मन्दिर के निर्माण के बिना विश्व में भारत की पहचान अधूरी है। उक्त विचार सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्रीराम मन्दिर निर्माण सहयोग मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक व जनरल सेक्ट्री इण्टर नेशनल सिक्ख वेलफेयर ऑरगनाइजेशन के सरदार जसवीर सिंह मंडेर ने व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि राम मन्दिर निर्माण भारत को विश्व में जगतगुरू बनने का मार्ग प्रशस्त करेगा, जो लोग कसम राम की खातें है, का नारा लगाते हैं, वे भारत में भड़काने का काम कर रहें हैं, वहीं जो मुस्लमान बाबरी मस्जिद की बात करता है वो कुरान शरीफ से बाहर है, कुरान शरीफ में साफ लिखा है कि खरीदी हुई या दान में ली गयी जगह पर ही मस्जिद बन सकती है, जबकि अयोध्या में ऐसा कुछ भी नहीं है। राम के नाम पर कुछ राजनैतिक लोग, कुछ पूजारी, कुछ दलाल टाइप के मुसलमान अपनी-अपनी राजनीति चमकाने हेतु ड्रामें कर रहें हैं, जिनका राम से वास्तव में कोई लेना देना नहीं है। भारत की जनता ने आजादी से अब तक के 70 साल बहुत सब्र से काम लिया है, जो अब खत्म हो चुका है। न्याय व न्यायालय कुछ लोगों की बपौती नहीं है, सुप्रीम कोर्ट का न्याय भारत के 350 घरों तक सीमित होकर रह गया है। एक मुसलमान दलाल कहता है कि राम हमारे स्वप्न में आये थे, और वे राम मन्दिर के लिये रो रहे थे, वहीं दूसरा मुसलमान कहता है कि हनुमान मुसलमान थे, कुछ मुसलमान दलाल बाबर की बात करतें हैं, जबकि ऐसा कहीं कुछ भी नहीं है, वहीं ज्यादातर मुसलमान श्री रामजी को अपना पूर्ववज बताते हैं, और वे सभी मुसलमान राम मन्दिर निर्माण के लिये सड़कों पर ऊतर आये हैं, जिसका परिणाम 16 दिसम्बर को नई दिल्ली के जन्तर-मन्तर पर एकत्रित होकर अपनी आवाज ऊठाई व राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री आदि को ज्ञापन सौपा, 04 जनवरी से पहले अगर अध्यादेश या बिल नहीं आता या 04 जनवरी से सप्रीम कोर्ट नित्य प्रतिनित्य सुनवाई नहीं करता तो सिक्खों के नेतृत्व में गुरू गोविन्द सिंह की नीति ‘‘सवा लाख से एक लड़ाऊँ‘‘ के अनुसार मुसलमानों को साथ लेकर श्री राम मन्दिर का निर्माण शुरू कर दिया जायेगा। पत्रकार वार्ता में भाजपा नेता केशव बिगुलर, सुशील कुमार मिश्रा (बब्लू मिश्रा), डॉ0 अनिल कुमार सिंह, ओम प्रकाश गुप्ता, उज्ज्वल उपाध्याय, राम कृष्ण सिंह ‘‘मुन्ना‘‘, तिलकराम मौर्य, रंजीत पाण्डेय, देश दीपक जौहरी, बालकृष्ण वैश्य, आदि उपस्थित रहे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More