-मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर सौदागर खून बेच रहे हैं
अयोध्या। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में एक बार फिर खून की कालाबाजारी हुई है। गंभीर एनिमिया से पीड़ित 16 वर्षीय मासूम शगुन को तीन यूनिट ओ पॉजिटिव ब्लड की सख्त जरूरत थी, लेकिन ब्लड बैंक से उपलब्ध न होने पर परिजनों को दलालों के चक्कर में पड़कर 7 हजार रुपये में एक यूनिट खून खरीदना पड़ा। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है, जहां मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर सौदागर खून बेच रहे हैं।
खंडासा थाना क्षेत्र के रामनगर अमावा सूफी गांव की है मधु सिंह ने बताया कि उनकी बेटी शगुन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से रेफर कर जिला अस्पताल लाया गया। सोमवार दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने शगुन को सीवियर एनिमिया बताया और तत्काल तीन यूनिट रक्त चढ़ाने की सलाह दी। परिजनों के अनुसार, ब्लड बैंक पहुंचकर जब उन्होंने रक्त मांगा तो वहां स्टॉक नहीं होने की बात कही गई।
आरोप है कि एक कर्मचारी ने स्पष्ट कहा कि ब्लड नहीं मिलेगा। तभी एक युवक मिला उसने सात हजार में ब्लड दिलवा दिया। सीएमओ डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि मामले की अभी लिखित शिकायत नहीं मिली है। मौखिक में आकर परिजनों ने बताया है।