-48.65 करोड़ से होगा 28.6 किलोमीटर लंबे व 5.50 मीटर चौड़ा मार्ग का चौड़ीकरण
अयोध्या। उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अयोध्या जिले के कुमारगंज से मां कामाख्या धाम तक के मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। यह 28.6 किलोमीटर लंबा व 5.50 मीटर चौड़ा मार्ग श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुगम और सुरक्षित बनेगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में भारी सुधार आएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना की अनुमानित लागत 48.65 करोड़ रुपये है।
मां कामाख्या धाम अयोध्या से लगभग 60-70 किलोमीटर दूर मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र में स्थित एक प्राचीन शक्तिपीठ है। दुर्गा सप्तशती के प्रथम अध्याय में इसका उल्लेख मिलता है। यहां राजा सुरथ और वैश्य समाधि की तपस्या स्थली मानी जाती है। नवरात्र और अन्य पर्वों पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। वर्तमान में मार्ग की खराब स्थिति के कारण आने-जाने में काफी परेशानी होती है, लेकिन चौड़ीकरण के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी।
आसपास के गांवों की भी कनेक्टिविटी होगी मजबूत
परियोजना के तहत मार्ग को चौड़ा करने के साथ-साथ सुदृढ़ीकरण का कार्य भी किया जा रहा है। इससे न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि दुर्घटनाओं में कमी आएगी। मेधाऋषि आश्रम मार्ग के विकास से आसपास के गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस मार्ग से स्कूली बच्चों, किसानों और दैनिक यातायात करने वालों को बड़ा लाभ मिलेगा।
योगी सरकार की यह पहल धार्मिक पर्यटन को नई गति प्रदान करेगी। राम नगरी अयोध्या के विकास के साथ-साथ आसपास के तीर्थ स्थलों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा धाम को 84 कोसी परिक्रमा मार्ग से जोड़ने की योजना है, जिससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा।
छोटे-छोटे शक्तिपीठों का अभी हो रहा कायाकल्प
योगी सरकार की दूरदर्शिता से उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है। अयोध्या, काशी, प्रयागराज जैसे प्रमुख तीर्थों के बाद अब छोटे-छोटे शक्तिपीठों का भी कायाकल्प हो रहा है।कुमारगंज-कामाख्या धाम मार्ग का यह विकास न केवल आस्था को सुगम बनाएगा, बल्कि क्षेत्रीय समृद्धि का नया अध्याय लिखेगा। श्रद्धालु अब बिना किसी परेशानी के मां कामाख्या के दर्शन कर सकेंगे, जिससे धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक विकास को भी बल देगी परियोजना
यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी बल देगी। बेहतर सड़क से स्थानीय व्यापार, कृषि उत्पादों की ढुलाई और पर्यटन संबंधी गतिविधियां बढ़ेंगी। लोक निर्माण विभाग के खंड 4 के अधिशासी अभियंता शशि भूषण सिंह ने बताया कि कार्य तेजी से चल रहा है और सितम्बर 2026 इसे पूरा कर श्रद्धालुओं को समर्पित किया जाएगा।