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पौधरोपण के साथ देखभाल भी जरूरी : डॉ. बिजेन्द्र सिंह

-वन महोत्सव पखवारे के तहत कृषि विवि में किया गया पौधरोपण

अयोध्या। वन महोत्सव पखवारे में रविवार को 351 पीपल के पौधे लगाकर धरा का श्रृंगार किया गया। लगभग 2 सप्ताह तक चलने वाले इस वन महोत्सव का शुभारंभ आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने शोध प्रक्षेत्र पर पीपल का पौधारोपण कर किया।

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इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ बिजेंद्र सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक परिवेश के प्रति संवेदनशीलता को अभिव्यक्त करने वाला यह एक आंदोलन है, वन महोत्सव भारत सरकार द्वारा वृक्षारोपण को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिवर्ष जुलाई के प्रथम सप्ताह में आयोजित किया जाने वाला एक महोत्सव है। डॉ सिंह ने विश्वविद्यालय परिवार के समस्त शिक्षक, वैज्ञानिक, कर्मचारी,एवं अधिकारियों से आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक वृक्ष अवश्य लगाएं तथा वृक्ष लगाने के साथ-साथ पौधों की देखभाल करना भी बहुत जरूरी है।

पौधे हमारे लिए ऑक्सीजन का काम करते हैं , तथा वातावरण को शुद्ध बनाते है । वन महोत्सव का कार्यक्रम विश्वविद्यालय में स्थित उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता, डॉ ओ पी राव, उपनिदेशक बीज,डॉ एस सी विमल एवं सहयोगी डॉ एस के वर्मा आदि की देख रेख में विश्वविद्यालय के शोध प्रक्षेत्र एक एवं दो पर वृक्षारोपण किए गए। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति ने परिसर के अन्य क्षेत्रों का भी भ्रमण किया और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए कई दिशा निर्देश दिए। विश्वविद्यालय के मौजूद कर्मियों ने संकल्प लिया कि सबको एक एक पौधा लगाने के लिए जागरूक करेंगे।

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि उद्यान एवं वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता से प्राप्त सूचना के आधार पर पूरे विश्व विद्यालय परिसर में आज दिनांक 4 जुलाई से 15 जुलाई तक वृक्षारोपण जन आंदोलन- 2021 के तहत 5000 पौधों का सघन वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ आरके मेहता, अधिष्ठाता डॉ आर के जोशी, डाँ नमिता जोशी, डॉ डी नियोगी, निदेशक प्रसार डॉ ए पी राव, इंजीनियर ओम प्रकाश, सुरक्षा अधिकारी आर के सिंह, डाँ राम प्रताप सिंह, अंगद सिंह, डॉ मनोज सिंह, फार्म अधिक्षक भानु सिंह, डॉ राजकुमार पाठक,डाँ राधा विनोद सिंह, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक, वैज्ञानिक एवं कर्मचारी आदि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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