-घोड़ों की संख्या का लगातार कम होना चिंता का विषय : डॉ. बिजेंद्र सिंह
अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज स्थित पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय ने नाहेप परियोजना के अंतर्गत ब्रुक इंडिया के साथ पशु चिकित्सा से जुड़े छात्रों के लिए “ पशु कल्याण, अश्व व्यवहार ,विचार, नियंत्रण एवं नाल बंदी“ विषय पर 17 मई से 21 मई तक ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रोग्राम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता व कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किया गया ।
कुलपति डॉ सिंह ने पांच दिवसीय प्रशिक्षण के समापन समारोह में अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में घोड़ों की संख्या सबसे ज्यादा है साथ ही घोड़ों की संख्या लगातार कम होने पर भी चिंता व्यक्त किया और इस क्षेत्र में अधिक से अधिक कार्य करने पर जोर दिया । साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में घोड़ों की उपयोगिता एवं महत्व के बारे में विस्तार से बताया । पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के अधिष्ठाता और ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रोग्राम के आयोजक सचिव डॉक्टर आरके जोशी ने महाविद्यालय और ब्रुक इंडिया के बीच मेमोरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग की जानकारी देते हुए इस प्रशिक्षण में होने वाले प्रतिदिन के व्याख्यान के बारे में जानकारी दिया।
प्रशिक्षण प्रोग्राम के सह आयोजक सचिव डॉ सत्यव्रत सिंह और डॉ जे पी सिंह ने बताया कि ऑनलाइन प्रशिक्षण में पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के बीवीएससी एंड एएच, एमवीएससी और पीएचडी के 146 छात्रों ने प्रतिभाग किया। इस ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रोग्राम में पशु कल्याण स्वभाव पशु कल्याण मूल्यांकन और घोड़ों से संबंधित विभिन्न पशु कल्याण के मुद्दों घोड़ों की पहचान रंग चिन्ह आयु तथा संवेदनशील हैंडलिंग विषयों पर ब्रुक इंडिया डॉक्टर निधिश भारद्वाज और डॉक्टर सरिता नेगी द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही छात्रों के द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का उत्तर बड़े बड़े ही सरल और सही तरीकों से दिया गया। साथ ही पशु कल्याण पर विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए समाज और प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का पालन करने का आवाहन किया। ब्रुक इंडिया के सी ई ओ ब्रिगेडियर डॉक्टर जे ए धरम धीरन ने ब्रुक इंडिया द्वारा संचालित अश्व कल्याण से संबंधित सभी कार्यों के बारे में विस्तार से चर्चा किया । इस प्रशिक्षण का ऑनलाइन संचालन प्रशिक्षण के सह आयोजक सचिव डॉ सत्यव्रत सिंह द्वारा किया गया।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण को सफल बनाने में छात्र कल्याण अधिष्ठाता और पीआई नाहेप डॉक्टर डी नियोगी और अधिष्ठाता कम्युनिटी साइंस डॉ नमिता जोशी , सह आयोजक सचिव डॉ जेपी सिंह , संयुक्त आयोजक सचिव डॉ रमाकांत, डॉ पंकज चौधरी और डॉ मुकेश का विशेष योगदान रहा । इस कार्यक्रम के सफल आयोजन का श्रेय इस प्रशिक्षण प्रोग्राम के प्रेरणा स्रोत माननीय कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह द्वारा समय-समय पर दिए गए मार्गदर्शन का ही प्रतिफल है। ब्रुक इंडिया के डॉक्टर निधिश भारद्वाज द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।