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बृजेश सिंह उर्फ बिरजन हत्याकाण्ड के बाद गांवो में खौफ का सन्नाटा

पुलिस ने किया रुट मार्च , संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूंछताछ

रूटमार्च करती पुलिस

रुदौली ।मवई के बघेडी गांव के निवासी चर्चित बिरजन सिंह की हत्या के आक्रोश में गुरुवार को मवई चैराहे पर हुए हाइवे जाम और आगजनी के मामले में मवई चौराहा के आसपास गांव में सन्नाटा पसर गया।पुलिस वीडियो फोटोज के सहारे संदिग्धों को हिरासत में लेकर पुलिस कड़ाई से पूछताछ कर रही ।शुक्रवार को पुलिस क्षेत्राधिकारी डा धर्मेन्द्र यादव की अगुवाई में मवई चैराहा के बगल मथुरा का पुरवा गांव में रूट मार्च किया।जहां पूरे गांव में सन्नाटा दिखाई दिया ।गांव में मौजूद लोगों से पुलिस ने पूछताछ भी की ।इस दौरान पटरंगा थानाध्यक्ष सन्तोष सिंह ,हाइवे चैकी प्रभारी दीपेंद्र विक्रम सिंह एस आई सुधाकर यादव सहित भारी मात्रा में पुलिस फोर्स मौजूद रही ।
वहीं पुलिस ने मार्ग जामकर की गयी आगजनी की घटना में नामजद लोगेां में से 7 को जेल भेज दिया है। जिनमें सुरजीत पुत्र विक्रम अमृत लाल पुत्र बृज लाल पिंटू पुत्र अमर प्रसाद धर्मेंद्र पुत्र अमर प्रसाद अनुपम पुत्र शिवजी रमेश पुत्र जगजीवन सभी निवासी मथुरा का पुरवा पटरंगा बृजेश पुत्र शत्रोहन निवासी सांडवा मवई शामिल है।

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पुलिस ने चार नामजद आरोपियों में से तीन को लिया हिरासत में

रुदौली। मवई थाना क्षेत्र के ग्राम बघेड़ी निवासी बृजेश सिंह उर्फ बिर्जन की गुरुवार को हुई हत्या के मामले में शुक्रवार को नामजद चार आरोपियों में से पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।जिनसे जिले की क्राइम ब्रांच व पुलिस की टीम गहनता से पूछताछ कर रही है ।मालूम हो कि ग्राम बघेड़ी के बृजेश सिंह बुधवार को ग्राम तालगांव बघेडी मार्ग पर स्थित नौव्वा बगिया के पास नृशंस हत्या कर दी गई थी ।शुक्रवार को प्रातः बाग के पास पड़े बृजेश सिंह के लहूलुहान शव को स्कूली बस के चालक ने देखा और गांव जाकर जिसकी जानकारी ग्रामीणों को दी ।धीरे धीरे यहां घटना पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई । मृतक के भाई राजू सिंह ने चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर दी।क्षेत्राधिकारी रुदौली डॉ धर्मेंद्र यादव ने बताया कि नामजद चार आरोपियों में से तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है तथा बाकी बचे आरोपी को भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जायेगा।क्षेत्राधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए आरोपियों से पुलिस तथा क्राइम ब्रांच के अधिकारी पूछताक्ष कर रहे है।इसके अलावा क्षेत्राधिकारी डा धर्मेंद्र यादव ने बताया कि घटना के बाद जो लोग मवई चौराहा के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करके दो रोडवेज की बसों को आग के हवाले किया था तथा एक रोडवेज बस में तोड़ फोड़ किया था।ऐसे करीब 150 लोगों पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है अब तक सात लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है।बाकी लोगों की पहचान वीडियो क्लिक के माध्यम से की जा रही है।

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भारी फोर्स की मौजूदगी में रात में हुआ अंतिम संस्कार

रुदौली । गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम होने के बाद रात्रि लगभग आठ बजे भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।अंतिम संस्कार में सांसद लल्लू सिंह ,नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन अशोक कंसौधन ,भाकियू नेता दिनेश दुबे सहित हजारो की संख्या में लोग मौजूद रहे ।क्षेत्राधिकारी डाक्टर धर्मेंद्र कुमार यादव ने बताया पी एम रिपोर्ट में गोली मारने की बात नही आयी है बल्कि कोई धारदार हथियार से या फिर कोई मोटे डण्डे मारकर हत्या की पुष्टि हुई है। थाना क्षेत्र के बघेडी गांव बिरजन सिंह की हत्या के बाद पीएसी तैनात कर दी गई है पूरे गांव सन्नाटा पसरा है ।

जरायम की दुनिया में काफी आगे बढ़ चुका था बृजेश सिंह उर्फ बिरजन

रुदौली। थाना मवई के अंतर्गत ग्राम बघेड़ी के बृजेश सिंह उर्फ बिरजन की की गयी हत्या के बाद स्थानीय पुलिस ने उसके द्वारा अन्य जिलों में की गयी आपराधिक घटनाओं में संलिप्प्तता को खंगाला गया। जिसके मुताबिक मृतक बृजेश सिंह जरायम की दुनिया में काफी आगे बढ़ चुका था।किन्तु विभिन्न सियासी पार्टियों के नेताओं से रसूख व पैठ के चलते उसकी गड़ना सफेद पोश अपराधी के रूप में की जाती थी।उसके द्वारा तमाम लोग पीड़ित व भुक्त भोगी होने के बावजूद थाने में अपने ऊपर बीती वारदात की सूचना देने की हिम्मत नही जुटा पाते थे।साधारण व्यक्ति तो क्या असरदार व्यक्ति भी उसके खिलाफ गवाही देने का साहस नही करते थे।इन्ही हरकतों के चलते वह धीरे धीरे मनबढ़ होकर अपराध जगत का एक दबंग डॉन बन गया था। मृतक बचपन से ही पढ़ाई लिखाई को छोड़ कर लग्जरी लाइफ जीने की तमन्ना पाले हुए था।उसने अपने इन सपनो को साकार करने के लिये कुछ अपराधियों से मेल जोल बना कर खुद गैंग का सरगना बन गया था।क्षेत्र में उसके दबदबे और दहशत का आलम यह था कि पंचायत चुनाव में उसने अपनी हनक व असर के बलबूते अपने भाई को जिला पंचायत बनवाया था अपनी पत्नी को बी डी सी बनवाया साथ ही अपने ससुर को जिला पंचायत सदस्य तथा अपने एक साथी को भी जिला पंचायत बनवाया।इसकी शोहरत उस समय और बुलंदी पर पहुँच गयी जब इसने रुदौली विधान सभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे मुनीर अहमद पर उस समय प्राण घातक हमला किया जब वह अपने पैतृक आवास थाना असंदरा के ग्राम अनार पटी में सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे।इस घटना के सम्बन्ध में थाना असंदरा में मृतक बृजेश के खिलाफ धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।मृतक का आपराधिक सफर 2005 से शुरू हुआ जब इसको अवैध असलहा के साथ गिरफ्तार किया गया।इसके बाद मृतक बृजेश सिंह के खिलाफ 2006 में अमेठी जनपद के थाना शिवरतनगंज में आर्म्स एक्ट तथा धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ।थाना असंदरा में 2007 में एस सी एस टी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।2007 में ही मवई थाना में धारा 307 तथा आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ।2009 में मवई में धारा 342,381तथा मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ।2009 में फिर तोड़ फोड़ तथा धारा 452 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।2013 में कोतवाली रुदौली में बहुचर्चित मोलहे हत्याकाण्ड में मुख्य आरोपी था।2014 में गैंगेस्टर की कार्रवाई भी की गयी।2014 में थाना असन्दरा में धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।उल्लेखनीय है कि मृतक अपने अपराध पर आवरण करने एवं करने के लिये 2012 में अमर सिंह की पार्टी लोक मंच से रुदौली विधान क्षेत्र का उम्मीदवार भी बना था।जिसके प्रचार के लिए उस समय अमर सिंह और जया प्रदा भी आई थी ।

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बिरजन की चल संपत्ति हुई थी कुर्क

मवई।वर्ष 2015 में लगभग नौ माह तक पुलिस पकड़ से दूर कुख्यात अपराधी बृजेश सिंह उर्फ बिरजन सिंह की चल संपत्ति की कुर्की मवई व रुदौली पुलिस ने संयुक्त रूप से कुर्क की थी। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई की थी। बताते चलें कि उस समय हत्यारोपी बिरजन सिंह पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका था। हत्यारोपी होने पर बाराबंकी के सुबेहा थानान्तर्गत उसके होने की सूचना पर रुदौली पुलिस ने छापा मारा था लेकिन बिरजन ने रुदौली कोतवाली के सिपाही शिवराज पर फायरिंग कर घायल कर भाग निकला था। रुदौली नगर के बहुचर्चित मोलहे हत्याकांड में बिरजन मुख्य आरोपी था। उसने मोलहे की हत्या कर उसके स्थान पर नकली मोलहे खड़ाकर उसकी भूमि का बैनामा करा लिया था। उसके बाद से वह पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। उस पर गैंगेस्टर की कार्रवाई भी तत्कालीन सीओ संतोष सिंह ने की थी उस पर ईनाम भी घोषित किया गया था।

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