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अपर मुख्य सचिव ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का किया निरीक्षण

-कैथी मांझा के 89 परिवारों को पस्ता माफी में वितरित की राहत सामग्री

अयोध्या। अपर मुख्य सचिव सिंचाई जल संसाधन एवं परती टी0 वेंकटेश द्वारा आज बाढ़ कार्य खण्ड अयोध्या के कार्यक्षेत्र में रौनाही तटबंध का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियन्ता द्वारा अवगत कराया गया कि राम सरनदासपुर ड्रेन के पानी की निकासी हेतु रौनाही तटबंध के किमी0 13.350 पर फ्लैपर गेट रेगुलेटर निर्मित है, जो बाढ़ अवधि में नदी का जल स्तर बढ़ने स्वतः बंद हो जाता है, जिसके कारण तटबंध के कन्ट्री साइड में जल प्लावन की समस्या होती है। जल प्लावन की समस्या के समाधान हेतु विधायक रूदौली राम चन्द्र यादव द्वारा वर्ष 2011-12 से पम्प हाउस के निर्माण की मांग की जा रही है। स्थानीय अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त स्थल पर जल प्लावन बाढ़ अवधि में ही होता है। नदी का जल स्तर घटने पर ड्रेन के पानी की निकासी स्वतः हो जाती है। उक्त अवसर पर जिलाधिकारी अनुज कुमार झा द्वारा विभिन्न बिन्दुओं पर समय-समय पर जानकारी दी गयी। निरीक्षण के दौरान रौनाही तटबंध के किमी0 13.360 पर निर्मित रेगुलेटर के अपस्ट्रीम में बाढ़ के दौरान होने वाले जल प्लावन की निकासी हेतु मा0 विधायक रूदौली की मांग पर नैपुरा पम्प हाउस के निर्माण के सम्बंध में अवगत कराया गया। पम्प हाउस के निर्माण से लगभग 400 हे0 भूमि पर खरीफ सीजन में फसल उत्पादन हो सकेगी एवं लगभग 1000 कृषक लाभान्वित होंगे।

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अपर मुख्य सचिव द्वारा नैपुरा पम्प हाउस के निर्माण हेतु परियोजना जल्द से जल्द बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये। इसके साथ साथ अपर मुख्य सचिव द्वारा पम्प हाउस के निर्माण के साथ्ज्ञ साथ स्थल का सुन्दरीकरण एवं सौन्दर्यीकरण करने एवं तटबध पर निर्मित रेगुलेटर के चारों तरफ रेलिंग लगाने के निर्देश दिये गये। उन्होंने ग्राम महंगू का पुरवा का स्थलीय निरीक्षण किया गया। बाढ़ कार्य खण्ड अयोध्या द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में महंगू का पुरवा में कटाव निरोधक परियोजना के सापेक्ष कार्य कराया गया, जिसके कारण महंगू का पुरवा में लगभग 5 किमी0 चैड़ाई में सिल्टिंग हुई। अपर मुख्य सचिव द्वारा कराये गये कार्य के सम्बंध में ग्रामीणों से पूछतांछ की गयी, जिसमें ग्राम प्रधान द्वारा कराये गये कार्यो पर प्रसन्नता व्यक्त की गयी और कराये गये कार्य के प्रति संतोष व्यक्त किया गया। स्थलीय निरीक्षण के दौरान स्थानीय अधिकारियों को बाढ़ अवधि में सजग एवं चैतन्य रहते हुये तटबंधों का निरन्तर निगरानी हेतु निर्देश दिये गये।

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निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अनिता यादव, अपर जिलाधिकारी वित्त राजस्व गोरेलाल शुक्ला, उपजिलाधिकारी विपिन कुमार सिंह सहित अधीक्षण अभियन्ता, अधिशाषी अभियन्ता बाढ़ कार्य खण्ड, अधिशाषी अभियन्ता सिंचाई खण्ड, सहायक अभियन्ता चतुर्थ बाढ़ कार्य खण्ड, जूनियर इंजीनियर बाढ़ कार्य खण्ड मौजूद रहे।
अपर मुख्य सचिव द्वारा अगले चरण में बाढ़ प्रभावित कैथी मांझा के 89 परिवारों को पस्ता माफी में दो पैकेट राहत सामग्री (आटा, चावल, अरहर दाल, नमक, हल्दी, मिर्च, धनिया, रिफाइंड तेल, लाई, गुड़, मोमबत्ती, चना, साबुन, माचिस, बिस्कुट तथा 10 किलो आलू) प्रदान की गयी। उन्होंने लोगों से उनके स्वास्थ्य व बीमारियों की जानकारी भी ली तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिया। इसके बाद पीएचसी सुजागंज में टीकाकरण सत्र का निरीक्षण किया। जनपद के 300 सत्रों पर 50 हजार लोगों को आज टीकाकरण से आच्छादित करने के लक्षण के साथ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने नगर पालिका रूदौली के पूरे बसावन वार्ड में टीकाकरण सत्र व वार्ड में साफ सफाई का जायजा लिया। नगर पालिका रूदौली के कार्यालय भवन का निरीक्षण किया। ग्राउण्ड फ्लोर पर रखे गये लोहे की कबाड़ को हटवाने व कार्यालय को साफ सुथरा करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने उपस्थिति रजिस्टर देखा, जीपीएफ बुक का भी अवलोकन किया। सम्पूर्ण नगर क्षेत्र में बेहतर साफ सफाई बनाये रखने, लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिये।

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